प्रेम भाई ने आदिवासी समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन की रखी मजबूत नींव
गोविंद बल्लभ पंत और धीरेंद्र मजूमदार को भी जन्मदिवस पर किया याद, सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुआ आयोजन
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम के विचित्र महाकक्ष में गुरुवार को स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत, आदिवासी समाज के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्वावलंबन की मजबूत नींव रखने वाले स्वर्गीय प्रेम भाई तथा गांधीवादी आंदोलन के सहयोगी धीरेंद्र मजूमदार का जन्मदिवस श्रद्धा एवं प्रेरणा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रेरणा स्थल पर सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। इसके बाद विचित्र महाकक्ष में विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि प्रेम भाई ने सोनभद्र के वनवासी और आदिवासी समाज के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में लंबे समय तक उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्वावलंबन की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनका पूरा जीवन गांधीवादी विचारों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प को समर्पित रहा।
वक्ताओं ने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश और प्रदेश के निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं धीरेंद्र मजूमदार ने गांधीवादी आंदोलन और रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। तीनों महापुरुषों के विचार और कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
विचार गोष्ठी में सर्वजीत सिंह, प्रदीप पांडेय, देवनाथ, विमल सिंह सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को इन महापुरुषों के जीवन, संघर्ष और सामाजिक सरोकारों से प्रेरणा लेकर कमजोर एवं वंचित वर्गों के बीच काम करने की जरूरत है। इस दौरान उनके बताए मार्ग पर चलने तथा सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान चेतवा, फरीपान, खैराही, बाकुलिया, बभनी, जुगैल, गुलालीडीह, अंजनिया और बगाड़ू सहित अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर डॉ. विभा, शुभा प्रेम, विमल सिंह, नीरा देवी, लाल बहादुर, नीता विजय, कन्नौजिया, सुरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संचालन शिवशरण सिंह ने किया।


