शील हॉस्पिटल में मिला मरीज, एसडीएम ने दो हॉस्पिटल किया सीज

दुद्धी/सोनभद्र (मदन मोहन तिवारी )कस्बे में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अस्पतालों को सील कर दिया। छापेमारी के दौरान ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पंजीकरण संचालित अस्पतालों और उनके संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
समृद्धि हॉस्पिटल: सील अस्पताल के पिछले रास्ते से चल रहा था इलाज
संयुक्त टीम सबसे पहले उस अस्पताल पहुंची, जिसे पहले भी अवैध संचालन के कारण सील किया जा चुका था। यह अस्पताल पूर्व में समृद्धि हॉस्पिटल के नाम से संचालित था। जांच में सामने आया कि मुख्य गेट बंद रखकर अस्पताल का संचालन पिछले रास्ते से किया जा रहा था।
टीम को यहां कुदरी गांव की पार्वती पुत्री शनिचरा भर्ती मिली। महिला पिछले चार दिनों से बुखार और कमजोरी का इलाज करा रही थी। परिजनों ने बताया कि इलाज के नाम पर उनसे करीब 20 हजार रुपये वसूले गए। जानकारी के अनुसार कुदरी गांव की एक आशा कार्यकर्ता गीता मरीज को इस अस्पताल में लेकर आई थी। और यहीं भर्ती कराई थी।
मौके से मिले एक युवक को पुलिस हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया, जबकि अस्पताल संचालक और संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ताला तोड़कर अंदर पहुंची टीम, वार्ड में मिला नवजात
इसके बाद संयुक्त टीम ने अमवार रोड स्थित एक निजी मकान में अवैध रूप से संचालित चाइल्ड हॉस्पिटल पर छापा मारा। प्रशासन के पहुंचने की भनक लगते ही
संचालक अस्पताल बंद कर फरार हो चुके थे।
टीम ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो एक वार्ड में नवजात शिशु और उसकी देखभाल कर रही एक नर्स मिली। यह दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। तत्काल एसडीएम निखिल यादव और एडिशनल सीएमओ ने नवजात को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भिजवाया, जहां उसका उपचार शुरू कराया गया।
मानकों की अनदेखी पर फटकार
कार्रवाई के दौरान एक अन्य निजी अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया। यहां एक मरीज का इलाज जमीन पर लिटाकर किया जा रहा था। इस पर एसडीएम निखिल यादव और एडिशनल सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधन को तत्काल मरीजों का उपचार निर्धारित मानकों के अनुरूप बेड पर करने के निर्देश दिए। चेतावनी दी गई कि लापरवाही दोहराने पर सख्त कार्रवाई होगी।
बिना पंजीकरण अस्पतालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उप जिलाधिकारी निखिल यादव ने कहा कि बिना पंजीकरण संचालित किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित विभाग को ऐसे अस्पतालों के संचालकों के विरुद्ध तत्काल मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग भी पूरे मामले में विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
अवैध अस्पतालों में मचा हड़कंप
प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद दुद्धी कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों में हड़कंप मच गया। कई अस्पतालों ने आनन-फानन में अपने शटर बंद कर दिए।



