अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हुए मून स्टार इंग्लिश स्कूल में संपन्न हुआ दो दिवसीय व्यावसायिक विकास एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रम
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप दक्ष बनाने के उद्देश्य से मून स्टार इंग्लिश स्कूल, म्योरपुर में 20 एवं 21 जून 2026 को दो दिवसीय व्यावसायिक विकास एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपा मिश्रा, उपप्रधानाचार्या प्रियंका सिंह एवं हेडमिस्ट्रेस विनम्रता मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
दो दिवसीय कार्यक्रम में कक्षा प्रबंधन, व्यवहार प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता विकास, समावेशी शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम, परीक्षा प्रणाली, प्रश्नपत्र निर्माण, सीबीएसई दिशा-निर्देशों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बदलते शैक्षिक परिवेश के अनुरूप शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी, रोचक एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए विभिन्न व्यावहारिक जानकारियां एवं आधुनिक शिक्षण तकनीकों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस में शिक्षकों को कक्षा प्रबंधन, शिक्षक की भूमिका एवं जिम्मेदारियां, SWOT विश्लेषण, नेतृत्व कौशल, परीक्षा संचालन, अनुशासन, प्रश्नपत्र निर्माण, उत्तर पुस्तिकाओं के प्रभावी उपयोग तथा सीबीएसई दिशा-निर्देशों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। इसके साथ ही गतिविधि आधारित शिक्षण, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, अभिभावक-विद्यालय सहभागिता, शिक्षक को मेंटर के रूप में विकसित करने तथा समावेशी शिक्षा जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।
द्वितीय दिवस की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के साथ हुई। शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इसके पश्चात राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्य, दृष्टि, मिशन एवं विद्यालयों की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया गया। शिक्षकों को सीबीएसई पाठ्यक्रम विश्लेषण, ब्लूप्रिंट निर्माण, प्रश्नों के कठिनाई स्तर निर्धारण, दक्षता आधारित प्रश्न निर्माण तथा गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं “लर्निंग बाय डूइंग” विषय पर आधारित सत्र में शिक्षकों को एनसीईआरटी, सीबीएसई एवं नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रभावी शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी गई।
विद्यालय के प्रबंधक मृणाल रोशन श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान, कौशल एवं आत्मविश्वास को बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि “समय-समय पर आयोजित होने वाले इस प्रकार के कार्यक्रमों से शिक्षकों को नई शिक्षण विधियों और आधुनिक शैक्षणिक अवधारणाओं की जानकारी प्राप्त होती है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सहायता मिलती है। प्रशिक्षित एवं दक्ष शिक्षक ही किसी भी विद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यालय के समग्र विकास, शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।”
समापन सत्र में शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए तथा विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के मुरली मनोहर यादव, रोहित कुमार, दीपक कुमार, अविनाश कुमार, मो0 नौशाद , अभय सिंह, आनंद कुमार, रविंद्र प्रजापति, श्रेष्ठा, जया सिंह, ज्योति, रीता, निधि, आशा, तन्वी, कल्पना राय, आराधना, वंदना, कुसुम गुप्ता, निहाल, संतोषी श्रीवास्तव, पूजा जायसवाल, कृष्णगोपाल, तुषार पांडेय, सौरभ पांडेय, गुलशेर अंसारी सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं व स्टाफ उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
विद्यालय परिवार ने इस सफल आयोजन को शिक्षकों के व्यावसायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर बढ़ता हुआ सार्थक प्रयास बताया। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचेगा तथा विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई पहचान मिलेगी।




