डीएम की बड़ी कारवाई गलत सूचना देने पर म्योरपुर के खण्ड शिक्षा अधिकारी संबद्ध बीईओ बभनी को मिला अतिरिक्त प्रभार

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) परिषदीय विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के पुनःस्थापन की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। त्रुटिपूर्ण सूचना उपलब्ध कराने के मामले में खण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) म्योरपुर सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही उनसे एक सप्ताह के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जानकारी के अनुसार उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश एवं उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में सरप्लस शिक्षकों के पुनःस्थापन हेतु चिन्हित शिक्षकों की सूची का परीक्षण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया गया। परीक्षण के दौरान विकास खण्ड म्योरपुर से भेजी गई सूचना में गंभीर त्रुटियां पाई गईं, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच में सामने आया कि संबंधित सूचना कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा तैयार की गई थी, लेकिन खण्ड शिक्षा अधिकारी ने उसका समुचित परीक्षण किए बिना ही जनपदीय समिति को भेज दिया। इस लापरवाही के कारण शासन को निर्धारित समय सीमा में सही सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा सकी, जिससे उच्चाधिकारियों के समक्ष असहज स्थिति उत्पन्न हुई। डीएम के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बीईओ म्योरपुर को तत्काल प्रभाव से संबद्ध करने के साथ ही उनसे सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी बभनी राकेश कुमार पाण्डेय को म्योरपुर विकास खण्ड का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, त्रुटिपूर्ण सूचना उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदारियों के निर्वहन में कोताही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



