कोन क्षेत्र को दो दिनो मे महज चार घंटे मिली बिजली उपभोक्ता परेशान

कोन/सोनभद्र (आनन्द जायसवाल) कोन क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है। करीब डेढ़ लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र को पिछले दो दिनों में कुल मिलाकर महज चार घंटे ही बिजली मिल सकी। इसमें भी बार-बार बिजली आने-जाने का सिलसिला जारी रहा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी के बीच भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि डाला विद्युत उपकेंद्र से कोन उपकेंद्र तक लगी विद्युत लाइन के तार और पोल पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। हल्की बारिश या मामूली आंधी आते ही लाइन में फॉल्ट हो जाता है, जिसके कारण घंटों नहीं बल्कि एक-एक और दो-दो दिनों तक आपूर्ति बाधित रहती है। विभाग द्वारा फॉल्ट ठीक किए जाने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही बिजली के तार के सहारे कोन और कचनरवा उपकेंद्रों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में दोनों उपकेंद्रों की आपूर्ति एक साथ चालू करने के प्रयास में बार-बार फॉल्ट उत्पन्न हो जाता है और इसका खामियाजा कोन क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी व्यवस्था के भरोसे बिजली आपूर्ति संचालित की जा रही है।
बिजली संकट का असर अब आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल चार्ज न होने से संचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं पंखे और कूलर बंद रहने से बुजुर्गों, बच्चों तथा मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों ने विद्युत विभाग से जर्जर तार और पोल तत्काल बदलने तथा बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाने की मांग की है।



