1 से 15 जुलाई तक चलेगा मिशन सेफ फ्यूचर बिना फिटनेस परमिट वाले स्कूली वाहनों पर होगी सख्त कारवाई

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग 1 से 15 जुलाई तक विशेष अभियान मिशन सेफ फ्यूचर चलाएगा। अभियान के दौरान स्कूल बसों और बच्चों को लाने-ले जाने वाले निजी वाहनों की सघन जांच की जाएगी। बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान, सीज समेत कड़ी कारवाई किया जायेगा।
परिवहन विभाग द्वारा सभी एआरटीओ को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कौशल कुमार सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल के अनुसार जिले में कुल 427 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 23 वाहनों की फिटनेस तथा 41 वाहनों के परमिट की अवधि समाप्त हो चुकी है। अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे सभी वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप लाना और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अभियान के पहले चरण में 1 से 7 जुलाई तक स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नोटिस, फोन कॉल एवं व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से चेतावनी दी जाएगी। इस दौरान सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस और परमिट तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारी विद्यालयों में पहुंचकर वाहनों का भौतिक निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति की बैठक भी आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 8 से 15 जुलाई तक परिवहन, पुलिस, यातायात और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिलेभर में व्यापक जांच अभियान चलाया जाएगा। बिना फिटनेस, बिना परमिट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते पाए गए स्कूल वाहनों तथा बच्चों को ढोने वाले निजी वाहनों के खिलाफ चालान और सीज की कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ ने स्पष्ट किया है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों की सूची जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सके। एआरटीओ ने सभी स्कूल संचालकों से अपील की है कि अभियान शुरू होने से पहले अपने वाहनों की फिटनेस, परमिट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज अद्यतन करा लें और सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।



