आदिवासी धर्म कोड और रोजगार के मुद्दे पर गांव-गांव पहुंची अधिकार यात्रा

बैंकों की पूंजी स्थानीय युवाओं को मिले तो बढ़ेगा रोजगार : वक्ता
म्योरपुर/ सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
जनगणना में आदिवासी धर्म कोड शामिल करने समेत 8 सूत्रीय एजेण्डे पर जारी रोजगार सामाजिक अधिकार यात्रा नवाटोला, बलियरी, सुपांचुआ, लौबन, फाटपखना गांव में पहुंची। जहां ग्रामीणों के साथ संवाद किया गया।
संवाद में कहा गया कि यदि सोनभद्र जनपद से बैंकों में जमा पूंजी के 60 प्रतिशत पलायन को रोक दिया जाए और इसे महिलाओं और नौजवानों को सस्ते दर पर ऋण के रूप में दिया जाए तो बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की लूट पर बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि इनके द्वारा 30 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज वसूली के कारण महिलाओं का जीवन बेहाल हो गया है। तमाम नॉन बैंकिंग कंपनियां आम आदमी की गाढी कमाई का जमा पैसा लूट कर भाग जा रही है। इनकी लूट पर लगाम लगाने के लिए कानून बनाना आज बेहद जरूरी है।
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासियों की पहचान खत्म करने की कोशिश हो रही है और उन्हें वनवासी कहकर संबोधित किया जा रहा है। ऐसे में पूरे देश में उठ रही आदिवासी धर्म कोड को जनगणना में शामिल करने की मांग बेहद महत्वपूर्ण है जिसे सरकार को पूरा करना चाहिए।
यात्रा में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका, जिला प्रवक्ता मंगरु प्रसाद श्याम, रामविचार गोंड, समरजीत गोंड, महावीर गोंड, राम लखन गोंड, राजेंद्र प्रसाद गोंड, रामस्वरूप, राम अवतार पनिका, झांझरिया देवी, ललित कुमार गोंड, रामदास गोंड, काशी चेरो, ओम प्रकाश बैगा आदि लोग शामिल रहे।



