जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण पर एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

शीशवा गांव में किसानों को जीवामृत, कीट नियंत्रक एवं पोषण वाटिका का दिया गया प्रयोगात्मक प्रशिक्षण
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
एकल अभियान की पंचमुखी शिक्षा योजना के अंतर्गत एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन द्वारा ग्राम शीशवा में एकदिवसीय जैविक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्मनाद एवं गायत्री मंत्र के साथ किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित किसानों को अभियान की पंचमुखी शिक्षा के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। साथ ही आईवीडी (IVD) म्योरपुर द्वारा संचालित निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रमों, जैसे कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई प्रशिक्षण एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
किसानों को जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए घर-घर जैविक पोषण वाटिका स्थापित करने, जैविक विधि से जीवामृत तैयार करने तथा प्राकृतिक कीट नियंत्रक बनाने का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने स्वयं अपने हाथों से जीवामृत एवं कीट नियंत्रक तैयार कर इसकी प्रक्रिया को समझा।
प्रशिक्षकों ने बताया कि म्योरपुर संच के लगभग 30 गांवों में करीब 200 किसानों के यहां केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट) का उत्पादन किया जा रहा है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार, लाभदायक सूक्ष्म जीवों एवं बैक्टीरिया की सक्रियता बढ़ाने तथा मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। साथ ही पोषणयुक्त पोषण वाटिकाओं के माध्यम से परिवारों को शुद्ध एवं पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध हो रही हैं, जिससे विभिन्न बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव संभव हो रहा है।
कार्यक्रम का संचालन एवं प्रशिक्षण आईवीडी म्योरपुर के किसान प्रशिक्षक श्यामसुंदर द्वारा किया गया। इस अवसर पर किसान मित्र केवल प्रसाद सहित क्षेत्र के अनेक किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।



