स्वरोजगार और संस्कृति संरक्षण पर मंथन, प्रशिक्षकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ

भारतीय संस्कृति और जंगल आधारित रोजगार बचाने की जरूरत : अजय शेखर

म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित सामाजिक संस्थान बनवासी सेवा आश्रम के विचित्रा महाकक्ष में मंगलवार को प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का दो दिवसीय शिविर का उद्घाटन साहित्यकार और आश्रम के अध्यक्ष अजय शेखर,असम से आए प्रशिक्षक प्रदीप और मोन दीप ने गमला में पानी देकर किया।मौके पर अजय शेखर ने कहा कि जिले के दक्षिणांचल के वन संपदा पर पूंजीवादी आक्रमण हुआ जिससे स्वरोजगार,जंगल, जड़ी बूटी,मोटे अनाज सब कुछ विलुप्त होते गया।जंगल आधारित रोजगार छीना गया।आदिम संस्कृति जो भारतीय सभ्यता की पहचान है उसे खत्म करने का प्रयास जारी है।हमने मोटे अनाज का सेवन भी छोड़ दिया।उन्होंने आह्वान किया कि हम भारतीय बने ,और खुद उसका अनुपालन करे।दूसरे पर थोपने के बजाय खुद आगे आए तो बदलाव संभव है ।आश्रम की मंत्री शुभा प्रेम ने सिंगरौली क्षेत्र की संस्कृति,सभ्यता की जानकारी दी और बताया कि लोग हर तरह से स्वावलंबी थे। असम से आए स्वरोजगार विशेषज्ञ प्रद्युत कुमार, मोनदीप ने गांव में बकरी,गाय के माध्यम से रोजगार पर जोर देते हुए कहा कि हम खेती ,और पशु पालन से रोजगार के अवसर तलाश सकते है।यह एक गरिमा पूर्ण रोजगार है।जिसकी यहां संभावना भी बहुत है। उसके देखभाल की जरूरत है।मौके पर मिशन समृद्धि के पंकज तिवारी, देव नाथ, केवला,सुरेश ,रमेश, संगीता,नीता, मनीष विश्वकर्मा, आदि उपस्थित रहे।



