संसद मार्च पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में रोजगार अधिकार अभियान ने भेजा ज्ञापन
मोदी सरकार ने नैतिक अधिकार खो दिया, प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग
म्योरपुर /सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधली की जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित संसद मार्च में पुलिस कार्रवाई के विरोध में रोजगार अधिकार अभियान ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र एवं न्यायिक जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
अभियान के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और नागरिकों पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद मोदी सरकार ने सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई कि बिना वर्दी और बिना नेम प्लेट के कार्रवाई करने वाले सभी लोगों की पहचान सार्वजनिक की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि किस सक्षम अधिकारी एवं मजिस्ट्रेट के आदेश पर लाठीचार्ज किया गया। आंदोलन में शामिल छात्रों, युवाओं और नागरिकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, घायल लोगों को उचित उपचार एवं मुआवजा देने तथा शिक्षा व्यवस्था में हुई कथित धांधली की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई।
इस दौरान रोजगार अधिकार अभियान की संयोजक सविता गोंड, युवा मंच संयोजक रूबी सिंह गोंड, ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के संयोजक कृपाशंकर पनिका, सुगवंती गोंड, ललित कुमार श्याम, मंजू यादव, देवबली गोंड, बुद्धि नारायण गोंड आदि मौजूद रहे.



