आंधी-तूफान से ध्वस्त बिजली व्यवस्था, 48 घंटे बाद भी कोन विद्युत उपकेंद्र तक नहीं पहुंच सकी 33 हजार वोल्ट लाइन, पूरा क्षेत्र अंधेरे में

कोन/सोनभद्र। (आनन्द जायसवाल)
तेज आंधी-तूफान के बाद कोन ब्लॉक की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालत यह है कि लगभग 48 घंटे बीत जाने के बाद भी डाला से कोन उपकेंद्र को आने वाली 33 हजार वोल्ट लाइन बहाल नहीं हो सकी है। इसके चलते कोन उपकेंद्र पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है और क्षेत्र के सभी गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार तूफान में 33 हजार वोल्ट लाइन के कई पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। वहीं कोन उपकेंद्र से गांवों की ओर जाने वाली 11 हजार वोल्ट लाइन के भी दर्जनों पोल टूटकर गिर गए हैं। विभागीय कर्मचारी मरम्मत कार्य में जुटे होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोन उपकेंद्र तक 33 हजार वोल्ट की सप्लाई नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पू

री तरह ठप बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की ओर से लगातार केवल आश्वासन दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी बार-बार जल्द बिजली बहाल होने की बात कह रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा। लगातार दो दिनों से बिजली न रहने के कारण लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। मोबाइल चार्जिंग, पंखा, कूलर और अन्य जरूरी सुविधाएं पूरी तरह प्रभावित हैं।
बिजली संकट के कारण पेयजल व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश घरों में पानी की आपूर्ति बिजली चालित मोटर और समरसेबल पंपों के जरिए होती है। लगातार बिजली न रहने से लोगों के घरों में पानी खत्म हो गया है। कई गांवों में महिलाएं और बच्चे दूर-दराज के हैंडपंपों और कुओं से पानी लाने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में पानी की समस्या लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कोन क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था वर्षों से जर्जर हालत में है। हर आंधी और बारिश में पोल व तार टूटकर गिर जाते हैं, जिससे बार-बार लंबी बिजली कटौती झेलनी पड़ती है। लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था का स्थायी समाधान कराया जाए तथा मजबूत पोल और गुणवत्ता युक्त तार लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या से राहत मिल सके।



