बभनी में नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

दो बैच में 125 शिक्षक शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया
—- आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षित करने पर जोर
बभनी(अजीत पांडेय)बभनी विकास खंड के ब्लॉक संसाधन केंद्र पर मंगलवार को आउट ऑफ स्कूल बच्चों के विशेष प्रशिक्षण के लिए नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। दो बैच में 125 परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रशिक्षण भाग लिया। खंड शिक्षा अधिकारी बभनी राकेश कुमार पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया।
प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य आउट ऑफ स्कूल बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप दक्ष बनाना है। उन्होंने नोडल शिक्षकों से बच्चों को विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से कुशल बनाने का आग्रह किया।
पांडेय ने जोर दिया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों की नियमित उपस्थिति और उनकी शिक्षण अधिगम व्यवस्था पर समुचित ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन बच्चों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, तो उनके फिर से ड्रॉप आउट होने की प्रबल संभावना रहेगी।
प्रशिक्षण में शारदा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला गया। इसका लक्ष्य आउट ऑफ स्कूल बच्चों का चिह्नीकरण, पंजीकरण, नामांकन, आकलन और ट्रैकिंग करना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
आउट ऑफ स्कूल बच्चे को परिभाषित करते हुए बताया गया कि 6 से 14 वर्ष की आयु का कोई भी बालक/बालिका जो किसी प्रारंभिक विद्यालय में कभी नामांकित न हुआ हो,या नामांकन के बाद बिना पूर्व सूचना के 45 दिन या उससे अधिक समय तक अनुपस्थित रहा हो, वह इस श्रेणी में आता है।
इन बच्चों का चिह्नीकरण, पंजीकरण, नामांकन, आकलन और ट्रैकिंग किया जाना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अध्यापक अपने विद्यालय के सुरक्षित क्षेत्र में शारदा कार्यक्रम के तहत कार्य करेंगे। 5 से 14 आयु वर्ग के ऐसे बच्चे, जिन्हें किसी विद्यालय में नामांकित नहीं किया गया है या जिन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी नहीं की है, उनका चिह्नीकरण कर आयु-संगत कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।
इस प्रशिक्षक बाल किशुन,लाल पति,सत्य प्रकाश, सुभाष चन्द्र,विजयनाथ आदि द्वारा प्रशिक्षण दिया गया प्रशिक्षण में राजकुमार विश्वकर्मा, सुमीत सिंह ,नजर मुहम्मद, मोहम्मद आरिफ, अच्युतानंद तिवारी, ममता देवी,सरोज, सुरेन्द्र कुमार सहित सभी 125 विद्यालयों के नोडल शिक्षक उपस्थित रहे



