बालू साइट चालू होते ही नगवां और कोरगी में शुरू हुआ वन भूमि और नदियों का दोहन

दुद्धी, सोनभद्र । दुद्धी तहसील क्षेत्र के नगवां में कथित बालू साइट की आड़ में कनहर नदी का प्राकृतिक सौंदर्य बिगाड़ने और नदी में रास्ता बनाने के साथ ही, नदी की मध्य धारा से पोकलेन के जरिए बालू खुदाई करने का बड़ा आरोप लगाया गया है। इसको लेकर सोमवार को जहां क्षेत्रीय ग्रामीणों की तरफ से गहरी नाराजगी जताई गई। वहीं, तस्वीरें, और वीडियो वायरल कर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। मौके पर कितनी एरिया खनन के लिए चिन्हित है, इसका कोई निशान-बोर्ड न होने को लेकर भी सवाल उठाए जाते रहे।
बताया जा रहा है कि कनहर नदी में कोरगी और नगवां में बालू खनन के लिए पट्टा आवंटित है। कोरगी में, वन क्षेत्र से होकर निर्मित किए जाने वाले कथित रास्ते को लेकर जहां एतराज की स्थिति बनी हुई है। वहीं, नगवां में नदी के मध्य रास्ता निर्माण और नदी की मध्य धारा में पोकलेन के जरिए बालू खनन किए जाने का मामला सामने आने के बाद हडकंप मच गया है। आरोप लगाया जा रहा है कि अनधिकृत तरीके से नदी के दोनों छोर को मिलाकर लगभग दो किमी रास्ते का निर्माण किया गया है। इसमें आधे से अधिक एरिया में नदी के तलहटी वाला हिस्सा शामिल है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमों-प्रावधानों को ताक पर रखकर किए गए निर्माण से, नदी का प्राकृतिक स्वरूप तो प्रभावित ही है, नदी के मध्य धारा में खनन और रास्ता निर्माण से नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर भी असर पड़ा है। फिलहाल इस मामले में खनन महकमे की तरफ से क्या कार्रवाई सामने आती है, जांच में किस तरह के तथ्य प्रकाश में आते हैं, यह तो जांच का परिणाम बताएगा। फिलहाल लगाए जा रहे आरोप, नदी में बनाए गए रास्ते और मध्य धारा में खनन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
ज्येष्ठ खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने फोन पर कहा कि दुद्धी तहसील क्षेत्र के नगवां में बालू खनन के लिए पट्टा आवंटित किया गया है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसमें कितनी सत्यता है, इसकी जांच कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।



