नो डिजिटल अटेंडेंस-शिक्षा क्षेत्र दुद्धी के शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

दुद्धी, सोनभद्र। स्कूलों में डिजिटल हाजिरी की अनिवार्यता का पहले ही दिन शिक्षकों ने विरोध किया है।
जूनियर व प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन के आह्वान पर शिक्षा क्षेत्र दुद्धी के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने सोमवार को ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य किए जाने के विरोध में बांह पर काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन भी किए।
नए आदेश में कहा गया है कि परिषदीय स्कूलों में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अब सुबह 7.45 से 8 बजे तक अपनी हाजिरी डिजिटल मोड में लगानी होगी। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि स्कूल के शिक्षक अब निर्धारित समय के 30 मिनट बाद तक उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। हालांकि, उन्हें देरी से पहुंचने का कारण बताना होगा।
जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष शैलेश मोहन ने बताया कि सभी शैक्षिक संगठनों ने इसका विरोध किया है। हमारे यहाँ विद्यालय इतने दूरस्थ क्षेत्रों में है कि जहाँ यातायात का साधन भी नही है। दुरूह गांव के कुछ ऐसे स्कूल है जहां बारिश के दिनों में पहाड़ी नदी-नालों के उफान के बीच समय से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। मध्यान भोजन की व्यवस्था उन्ही में से एक कड़ी है। शिक्षकों का प्रमोशन बाधित है। कई विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक और सफाईकर्मी भी नही है। किसी तरह से शिक्षक शिक्षण कार्य कर रहे है। शासन पहले इन समस्यायों का समाधान करे। इसके बाद आन लाइन हाजिरी की व्यवस्था को लागू करें। जब तक शिक्षकों की समस्यायों का समाधान नहीं किया जाएगा। तब तक इसका विरोध दुद्धी ही नहीं जिले के दसों ब्लॉक में इसका विरोध होता रहेगा। इस मौके पर प्रभारी प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश, विभा चौरसिया, रेणु कनौजिया, प्रियंका भारती, तत्सत तिवारी के साथ अन्य अध्यापक मौजूद रहे।



