सावधान-वाहनों पर लगाई काली फिल्म तो होगी कार्यवाई, वसूला जाएगा जुर्माना-इंस्पेक्टर नागेश सिंह

दुद्धी, सोनभद्र (एम.एस.अंसारी)। अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए काले शीशे वाले वाहनों पर कार्रवाई किया जा रहा है। काले शीशे लगे वाहनों से हत्या और अपहरण सहित तस्करी के वारदातों को अंजाम दिया जा सकता है। आपराधिक चरित्र वाले लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए भी ऐसे वाहनों का उपयोग करते हैं। उक्त बातें इंस्पेक्टर दुद्धी नागेश सिंह रघुवंशी ने वृहस्पतिवार को कस्बे में भ्रमण के दौरान सरकारी अस्पताल मार्ग पर खड़ी एक स्कार्पियो का काला फ़िल्म उतारते हुए कही। प्रभारी निरीक्षक श्री रघुवंशी ने बताया कि दुद्धी में सुरक्षा के मद्देनजर होने वाले अपराध को रोकने काले शीशे वाले वाहनों पर कार्रवाई किया जा रहा है। काले शीशे लगे वाहनों से हत्या और अपहरण सहित तस्करी के वारदातों को अंजाम दिया जा सकता है। आपराधिक चरित्र वाले लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए भी ऐसे वाहनों का उपयोग करते हैं। बस, ट्रक, कार, जीप आदि में काले ग्लास या काली फिल्म लगाना गैर कानूनी है। अपराध को रोकने के लिए पुलिस वाहनों में काले शीशे अथवा काली फिल्म लगाकर बेखौफ घूम रहे वाहनधारियों को चेतावनी देते हुए काली फिल्म निकलवा रही है। दुद्धी में अब तक दो दर्जनों वाहनों के काले शीशे उतरवाए गये। आने वाले दिनों में इन वाहनों को दुबारा पकड़े जाने पर 500 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा।

शीशे के ऊपर लगाते हैं काली फिल्म–
लग्जरी बसों और कारों के शीशे में काली फिल्म लगायी जाती है। शहर में ऐसे दर्जनों वाहन चल रहे हैं। यह पूरी तरह गैर कानूनी है। काला शीशा लगे वाहनों के अंदर क्या हो रहा है, कौन है इसे सड़क पर आने-जाने वाले देख नहीं सकते हैं। काला शीशा लगे वाहनों पर सवार अपराधी अपराध को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं।

क्या है नियम–
केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 100 के तहत वाहनों की खिड़कियों के शीशे काले या रंगीन नहीं होने चाहिए। नियम के अनुसार वाहनों की खिड़कियों के साइड विंडो शीशा कम से कम 50 प्रतिशत और सामने और पीछे का शीशा 70 प्रतिशत पारदर्शी होना चाहिए। केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली, 1989 के नियम 2 के तहत वाहनों में लगे काले शीशे को हटाने का प्रावधान है।
प्रभारी निरीक्षक के साथ चेकिंग दस्ते में उपनिरीक्षक ओम प्रकाश सिंह, वंश नारायण सिंह सहित दर्जनों महिला व पुलिसकर्मी शामिल थे।



