राष्ट्रीय अधिवेशन में बेरोजगारी के विरुद्ध देशव्यापी आंदोलन का होगा आगाज-संयुक्त युवा मोर्चा
प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश से युवा प्रतिनिधि होंगे शामिल
सोनभद्र।
रोजगार अधिकार कानून के लिए मानसून सत्र में विधेयक पेश करने, एक करोड़ रिक्त पदों को भरने, आउटसोर्सिंग एवं पब्लिक सेक्टर के अंधाधुंध निजीकरण पर रोक जैसे सवालों को लेकर 15 जुलाई को कांस्टीट्यूशन क्लब में संयुक्त युवा मोर्चा के बैनर तले आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रदेश भर से युवा प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसकी जानकारी युवा मंच प्रदेश संयोजक राजेश सचान ने कहा कि बेरोजगारी के विरुद्ध देशव्यापी आंदोलन का आगाज होगा। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 41 में उल्लेख है कि नागरिकों को रोजगार सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है, लेकिन आज तक इस प्रावधान को लागू नहीं किया गया, इसलिए जरूरी है कि सरकार मानसून सत्र में रोजगार की गारंटी के लिए विधेयक लाए। सुप्रीम कोर्ट ने भी नीति निदेशक तत्व और अनुच्छेद 21 की व्याख्या में टिप्पणी की है कि नागरिकों को गरिमापूर्ण आजीविका सुनिश्चित करने का दायित्व राज्य का है। लेकिन आज सरकारें अपने इस संवैधानिक दायित्व से पल्ला झाड़ रही हैं। कहा कि अगर कारपोरेट्स की मुनाफाखोरी पर रोक लगाई जाए और श्रम सघन तकनीक व कृषि व लघु-कुटीर जैसे उद्योगों पर जोर बढ़ाया जाए तो बेरोजगारी का समाधान मुमकिन है इसके लिए संसाधनों की कमी देश में कतई नहीं है। कारपोरेट्स पर संपत्ति व उत्तराधिकार जैसे मदों में न्यूनतम टैक्स लगाकर संसाधनों को आसानी से जुटाया जा सकता है।



