निजी अस्पतालों में मरीज ले जा रहीं आशा कार्यकत्री
दुद्धी, सोनभद्र। स्वास्थ्य क्षेत्र दुद्धी की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा निजी हॉस्पिटलों में नित्य दिन मरीजों के ले जाने का सिलसिला जारी है। निजी अस्पताल वाले सामान्य प्रसव की जगह कथित ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से मोटी रकम वसूलते हैं। निजी नर्सिंग होम और आशा के बीच सांठगांठ में आशा कार्यकर्ता को मोटी कमीशन मिलता है। स्थानीय तहसील क्षेत्र के सभी निजी हॉस्पिटल के संचालक गांव में आशा कार्यकर्ताओं को अपनी मोटी कमीशन के जाल में फँसाया हुआ है। गांव में जैसे ही आशाओं को पता चलता है कि गांव की कोई महिला गर्भवती है तो उसे सीएचसी व पीएचसी पर जाने के बजाय बहकाते हैं कि सही इलाज नही मिलेगा और अपने सांठगांठ वाले निजी अस्पतालों में ले जाती हैं। निजी अस्पताल में जाने के बाद सामान्य प्रसव की स्थिति में भी उनको ऑपरेशन से प्रसव बता दिया जाता है। निजी अस्पतालों से उनको हर प्रसव पर मोटा कमीशन मिलती है। इस तरह का खेल दुद्धी क्षेत्र में काफी समय से चल रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ भी प्रसूताओं को नहीं मिल पाता है। आशाओं के चक्रव्यूह में फंसकर आदिवासी अपनी जान से हाथ धो बैठ रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
दुद्धी तहसील के कटौन्धी निवासी 23 वर्षीय सुशीला देवी पत्नी रविन्द्र कुमार ने बताई की पिछले 6 जून को घर पर ही डिलेवरी हुआ था। डिलेवरी के दौरान ही मेरा बच्चे की मौत हो गई। डिलीवरी उपरान्त गांव की आशा बंसती द्वारा तबीयत ज्यादा खराब देखते ही निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के नाम पर मरीज से दस हजार रुपये ले लिया गया। वहाँ भी तबीयत सही नही होने पर दुद्धी सीएचसी में इलाज भर्ती किया गया। केंद्र अधीक्षक
डॉ शाह आलम अंसारी ने बताया कि महिला में खून की कमी थी। मरीज भर्ती के दौरान होमोग्लोबिन मात्र 3 ग्राम था। जिसका इलाज किया जा रहा है। एक आशा की शिकायत मिली है जिसे नोटिस भेजकर तलब किया गया है। इस तरह की आशा कार्यकर्ताओं की शिकायतें ज्यादा मिल रही हैं। निगरानी कर विभागीय कार्रवाई की जा रही है।



