अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम विरोधी दिवस पर ग्राम स्वराज समिति ने चलाया जागरूकता अभियान

दुद्धी, सोनभद्र। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम विरोधी दिवस के मौके पर ग्राम स्वराज समिति जून 2023 माह को बाल श्रम के खिलाफ एक्शन मंथ के रूप में मना रही है। इसके तहत पूरे महीने बच्चों को बाल श्रम और दासता के चंगूल से मुक्त कराने के लिए छापामार कार्रवाई के साथ बचाव अभियान चला रही है।
समिति के अगुवा भाई महेशान्द ने कहा कि आज हमारे देश में बाल श्रम उन्मूलन के लिए कई प्रभावी नीतियां और कड़े कानून हैं, लेकिन जब तक इस बारे में लोगों के बीच जागरूकता नहीं होगी और पूरा समाज इसकी जिम्मेदारी लेकर अपना काम नहीं करेगा तब तक यह एक चुनौती के रूप में बना रहेगा। हम सभी भारत को बाल श्रम मुक्त बनाने के साथ-साथ हर एक बच्चे को एक स्वस्थ खुशहाल सुरक्षित और आजाद बचपन देने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हम इस प्रयास में निश्चित रूप से सफल होंगे।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ )की रिपोर्ट-बाल श्रम वैश्विक अनुमान 2020 रुझान और आगे की राह के मुताबिक यह साल 2020 की शुरुआत में पूरी दुनिया में 16 करोड़ बच्चे बाल श्रम की चपेट में थे ,इसमें 6.3 करोड़ लड़कियां और और 9.7 करोड लड़के हैं ।यानी दुनिया का हर 10 में से एक बच्चा बाल मजदूरी करने को मजबूर है।
बाल श्रम को लेकर भारत में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक पूरे देश मे 5से 14 साल के बीच के मजदूरों की संख्या 1.10 करोड़ है यह देश में बच्चों की कुल संख्या का 3.9 फ़ीसदी हिस्सा है।
यह अपने आप में बहुत ही चिंताजनक है। बच्चों के लिए हर दिशा में काम करने की आवश्यकता है। आज के दौर में बाल तस्करी के जरिये बच्चों को बकरी और बैल से भी कम कीमत में बेचा व खरीदा जा रहा है। जो मानवता के खिलाफ है।



