अनपरा के भाठ क्षेत्र में पेयजल संकट गहराया
आइपीएफ ने सीएम को लिखा पत्र
अनपरा-सोनभद्र।
भाठ क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला कमेटी सदस्य तेजधारी गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भाठ क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। प्रेषित पत्र में अवगत कराया गया है कि सोनभद्र के अनपरा व ओबरा के मध्य स्थित अति दुर्गम भाठ क्षेत्र में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां हर घर नल योजना के तहत पेयजलापूर्ति बेहद सीमित क्षेत्र में है। इसके अलावा परंपरागत स्रोत जैसे तालाब, बंधी, बाऊली आदि पानी की कमी से जूझ रहे हैं। जल स्तर नीचे जाने और मेंटेनेंस के अभाव में ज्यादातर हैंडपंप बंद पड़े हुए हैं। टैंकरों से पानी की आपूर्ति महज खानापूर्ति से ज्यादा नहीं है। उक्त पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी सोनभद्र को भी प्रेषित की गई है।
खजुरा, पड़रवा, डैनिया, रणहोर, मकरा, करहिया, चंदू बहेड़ा, खोड़िया, लोझरा, तूरी पान, बैरपान, कुबरी, सोनवानी, कुंडाभाटी आदि गांवों के इंद्र भान विश्वकर्मा, रामकेश पाल, सुनीता भारती, प्रेमधारी खरवार, सुनील भारती व दिलवंती भारती, विष्णु, रामजी पटेल लोगों ने बताया कि ज्यादातर हैंडपंप बंद हैं, तालाब, बंधी, कुओं में भी पानी बेहद कम है या सूख गए हैं। हर घर नल योजना ज्यादातर गांवों में अभी चालू नहीं है जिन गांवों में चालू भी है वहां भी पानी की आपूर्ति बेहद कम है। टैंकरों से पानी आपूर्ति महज कागजों तक सीमित है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं और उसे भी काफी दूर से लाना पड़ता है।



