मोदी सरकार के बजट में मजदूरों के लिए कुछ नहीं-तेजधारी गुप्ता

पक्की नौकरी सम्मानजनक वेतन और बेहतर जीवन के लिए आंदोलन की बनेगी रणनीति
26 फरवरी को पिपरी में होगा ठेका मजदूर यूनियन का जिला सम्मेलन
यूनियन की बैठक में हुआ फैसला
सोनभद्र, 5 फरवरी 2023, मोदी सरकार का बजट कारपोरेट परस्त और मजदूर विरोधी बजट है. इस बजट में कारपोरेट घरानों के लिए पूंजीगत व्यय के नाम पर 10 लाख करोड़ आवंटित किया गया है और उन्हें टैक्स में भी छूट प्रदान की गई है. जबकि ठेका प्रथा का उन्मूलन कर सबको पक्की नौकरी देने, पुरानी पेंशन को बहाल करने, आंगनबाड़ी, आशा, मिड डे मील जैसे स्कीम वर्कर्स को सम्मानजनक मानदेय देने, ठेका मजदूरों को 24000 रूपये न्यूनतम वेतन देने जैसी लोकप्रिय मांगों पर विचार ही नहीं किया गया. इतना ही नहीं लोगों की जिंदगी में खुशहाली लाने वाले सामाजिक सुरक्षा के मद शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि विकास जैसे क्षेत्रों में बजट का आवंटन घटा दिया गया है. जिस पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना का बड़ा प्रचार किया गया है उसमें भी कोई धन सरकार ने आवंटित नहीं किया. यह बातें आज ठेका मजदूर यूनियन की जिला कमेटी की वर्चुअल बैठक में श्रम बंधु और वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर ने कही। बैठक की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष कृपाशंकर पनिका ने की और संचालन जिला मंत्री तेजधारी गुप्ता ने किया। बैठक में प्रस्ताव लेकर कहा गया कि वर्तमान मोदी सरकार सबसे बड़ी मजदूर विरोधी सरकार के रूप में सामने आई है. मजदूरों के अधिकार के लिए बने 44 श्रम कानूनों को खत्म कर इस सरकार ने मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड संसद से पारित किए हैं. यही नहीं काम के 8 घंटे को खत्म कर 12 घंटे करने पर यह सरकार आमादा है. इस सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का पर्दाफाश करने के लिए मजदूरों में बड़ा अभियान चलाया जायेगा। बैठक में पक्की नौकरी, सम्मानजनक वेतन और बेहतर जीवन के सवाल पर 26 फरवरी को पिपरी में ठेका मजदूर यूनियन का जिला सम्मेलन करने का निर्णय हुआ।
बैठक में युवा मंच के संयोजक राजेश सचान, पूर्व सभासद रेणुकूट नौशाद, मोहन प्रसाद, तीरथ राज यादव, मसीदुल्ला अंसारी, मोहम्मद सलीम, विनोद यादव, जमुना यादव, अरविंद कुमार, राजेंद्र बैठा, बिरझन सिंह गोंड़ आदि लोगों ने अपने विचार रखे।



