सीएम को ट्वीट कर राजकीय आश्रम पद्धति स्कूलों में समुचित पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर युवा मंच ने जताई नाराजगी
आश्रम पद्धति स्कूलों का कायाकल्प महज प्रचार
सोनभद्र।
गंभीर पेयजल संकट के सवाल पर कल सोनभद्र स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय की छात्राओं के हुए प्रदर्शन का मामला आज सीएम के यहां पहुंच गया। सीएम योगी आदित्यनाथ को ट्वीट कर युवा मंच जिलाध्यक्ष रूबी सिंह गोंड़ ने तत्काल समुचित पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। दरअसल सरकार आश्रम पद्धति स्कूलों के कायाकल्प होने के प्रचार में लगी है जबकि यहां न्यूनतम सुविधाओं का घोर अभाव है यहां तक कि भोजन की गुणवत्ता भी मानक के अनुरूप नहीं है। प्रदेश भर में इन स्कूलों में शिक्षकों के पद भी बड़े पैमाने पर रिक्त पड़े हुए हैं। युवा मंच ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राजकीय आश्रम पद्धति स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने और शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए समुचित कदम उठाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र जनपद सरकारी उपेक्षा का शिकार है। यही वजह है कि आदिवासियों के लिए बातें तो बड़ी बड़ी होती हैं लेकिन वास्तव में शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी यहां घोर अभाव है। आदिवासी और गरीब पृष्ठभूमि की छात्राएं उच्च शिक्षा से आम तौर पर वंचित हैं लेकिन इसके लिए दो आवासीय महिला महाविद्यालय खोलने की मांग को अनसुना किया जा रहा है। उपेक्षा का आलम यह है कि कस्तूरबा गांधी स्कूलों को इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई लेकिन कब तक इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा, पढ़ाई शुरू होगी इसका अतापता नहीं है। मांग की कि हर ब्लॉक में इंटरमीडिएट तक कस्तूरबा गांधी व राजकीय आश्रम पद्धति स्कूलों को खोला जाये। जनपद में कम से कम छात्राओं के लिए कंप्यूटर कोर्स, फार्मेसी, नर्सिंग आदि पाठ्यक्रम आदि सरकार सुनिश्चित करे।



