सोनभद्र

दुद्धी विधायक ने किया समर्पण, कोर्ट ने हिदायत के साथ वारंट किया निरस्त

– दो घंटे कोर्ट के कटघरे में खड़े रहे दुद्धी विधायक

– विधायक को गिरफ्तार कर 23 जनवरी को हाजिर कराने का सोनभद्र एसपी को कोर्ट ने दिया था आदेश

– आठ वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का है आरोप

– विधायक को गिरफ्तार न करने वाले दरोगा को कोर्ट ने किया तलब

– 25 जनवरी को होगी अगली सुनवाई

सोनभद्र (राजेश पाठक एड)। आठ वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की को डरा धमाका कर उसके साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले में आरोपी दुद्धी विधायक रामदुलार के विरुद्ध जारी गिरफ्तारी वारंट को सोमवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राहुल मिश्रा की अदालत ने कड़ी हिदायत के साथ निरस्त कर दिया। हालाकि कोर्ट के कटघरे में करीब दो घंटे तक विधायक को खड़े रहना पड़ा। विधायक को गिरफ्तार न करने वाले म्योरपुर के दरोगा को भी तलब किया गया है। अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 4 नवंबर 2014 को शाम 7 बजे उसकी नाबालिग बहन रोती हुई आई और पूछने पर बताया कि वह अब मुंह दिखाने लायक नहीं रह गई है। बहन ने बताया कि प्रधान पति रामदुलार (वर्तमान में दुद्धी विधायक हैं) ने कई बार डरा धमका कर उसके साथ दुष्कर्म किया है। डर की वजह से नहीं बताती थी। आज भी शौच जाने के समय उसने जोर जबरजस्ती की है। किसी तरह से भाग कर आई हूं। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया और पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया है। इसी मामले में मुलजिम बयान हेतु तिथि नियत थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक सत्यप्रकाश त्रिपाठी एवं दुद्धी विधायक के अधिवक्ता रामवृक्ष तिवारी उपस्थित हुए। 10 जनवरी, 17 जनवरी व 19 जनवरी को भी बीमारी का हवाला देकर अधिवक्ता के जरिए अपलिकेशन दिया गया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। साथ ही कड़ा रुख अपनाते हुए दुद्धी विधायक रामदुलार के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 23 जनवरी को दुद्धी विधायक को गिरफ्तार कर कोर्ट में हाजिर कराने का आदेश सोनभद्र एसपी को दिया था। लेकिन दुद्धी विधायक रामदुलार अपने अधिवक्ता के साथ कोर्ट में दोपहर बाद करीब दो बजे हाजिर हुए। जिन्हें कोर्ट के कटघरे में खड़ा करा दिया गया। विधायक के अधिवक्ता रामवृक्ष तिवारी ने वारंट रिकाल प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें बीमारी तथा आवश्यक कार्य की वजह से कोर्ट में हाजिर न आने का कारण दर्शाया गया है। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस हिदायत के साथ कि हमेशा नियत तिथि पर कोर्ट में हाजिर आते रहेंगे, गवाहों को डराएंगे, धमकाएंगे नहीं साथ ही दो लाख रूपये की पीबी पर वारंट निरस्त कर दिया। सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि विधायक का बयान धारा 313 के तहत दर्ज कर लिया गया। इस मामले में एसपी सोनभद्र के जरिए म्योरपुर के जिस दरोगा को विधायक को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया था को कोर्ट ने तलब किया है। इस मामले में 25 जनवरी को अगली सुनवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button
BREAKING NEWS
नशे के सौदागरो पे चला अनपरा शक्तिनगर पुलिस का डंडा 27 लाख की अवैध संपत्ति किया अभिग्रहित प्रीपेड स्मार्ट मीटर संयोजन की अनिवार्यता समाप्त जनता के जन संघर्ष की जीत - भाकपा चोपन पुलिस ने चोरी की बाइक के साथ आरोपी को किया गिरफ्तार पिपरी नगर पंचायत के मनोनीत सभासदों का हुआ शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न आंधी तूफान का कहर 3 दिन से अंधेरे में डूबा कोन शाम तक बिजली बहाली की उम्मीद बंगाल असम पुडुचेरी राज्यो मे बीजेपी को मिली ऐतिहासिक विजय के उपलक्ष्य मे रेनुसागर मे कार्यकर्ताओ ने ... पुलिस ने दो वारंटियों को किया गिरफ्तार भेजा जेल दो माह से फरार चल रहे दम्पति गिरफ्तार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, धारा 108, 352 BNS में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार 4 साल से फरार गैंगेस्टर और हत्या का सजायाफ्ता अपराधी छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार
Download App