सोनभद्र के जनहित मुद्दो को लेकर पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) जनपद से जुड़े विभिन्न जनहित एवं विकास संबंधी मुद्दों को लेकर पूर्व सांसद नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छह प्रतियों में अलग अलग पत्र सौंपे। पूर्व सांसद ने प्रशासनिक, स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा एवं खनन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हुए शीघ्र कारवाई की मांग की।
पूर्व सांसद के अनुसार मुख्यमंत्री ने सोनभद्र से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया। पत्रों में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच, मेडिकल कालेज के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण, सरकारी आवासों से अवैध कब्जा हटाने, अस्पताल परिसर को अतिक्रमण मुक्त करने तथा आदिवासी एवं मूल काश्तकारों को खनन पट्टा देने जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल रहे।
मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग
पूर्व सांसद द्वारा सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, सोनभद्र में शासन के निर्देशों के विपरीत महत्वपूर्ण वित्तीय एवं क्रय संबंधी प्रभार दिए गए हैं। पत्र में घटिया गुणवत्ता की दवाओं एवं उपकरणों की खरीद, टेंडर प्रक्रिया से बचने के लिए खरीद को छोटे-छोटे बिलों में विभाजित करने तथा सरकारी धन के दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
मेडिकल कॉलेज के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की मांग
मेडिकल कॉलेज के भविष्यगत विकास और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप सुविधाओं के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की मांग की गई है। इसमें नए शैक्षणिक भवनों, छात्रावासों, अस्पताल अवसंरचना, मेडिकल छात्रों के लिए खेल मैदान तथा संकाय सदस्यों एवं उनके परिवारों के लिए हरित एवं मनोरंजन क्षेत्र विकसित करने का मुद्दा उठाया गया है।
सरकारी आवासों से अवैध कब्जा हटाने की मांग
पत्र में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर के सरकारी आवासों पर ऐसे लोगों के कब्जे का मुद्दा भी उठाया गया है, जिनका स्थानांतरण अन्य जनपदों में हो चुका है। मांग की गई है कि नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाया जाए और वर्तमान में कार्यरत डॉक्टरों एवं कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुसार आवास उपलब्ध कराए जाएं।
अस्पताल परिसर को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग
पूर्व सांसद ने मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर को सुरक्षित और व्यवस्थित क्लोज्ड कैंपस के रूप में विकसित करने की भी मांग उठाई है। पत्र में परिसर से अतिक्रमण हटाने, अनधिकृत आवास एवं व्यवसायों पर रोक लगाने, निजी मेडिकल स्टोर एवं लैबों के कथित अनुचित प्रभाव को समाप्त करने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है। साथ ही नियंत्रित प्रवेश एवं निकास व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया है।
आदिवासी एवं मूल काश्तकारों को मिले खनन पट्टा
सोनभद्र के बिल्ली-मारकुंडी, बरदिया, सिन्दूरिया, टापू और जुगैल सहित विभिन्न क्षेत्रों के आदिवासी एवं मूल काश्तकारों के हितों को लेकर खनन नीति में संशोधन की मांग भी की गई है।
पत्र में कहा गया है कि निजी काश्त भूमि पर ई-निविदा प्रक्रिया के स्थान पर मूल भूमिधरों एवं काश्तकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पत्थर, बालू एवं मोरम के खनन के लिए 10 वर्षीय पट्टा सीधे काश्तकारों को देने की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई है। साथ ही निर्धारित रॉयल्टी से अधिक भुगतान की व्यवस्था के माध्यम से मूल भूमिधरों को प्रत्यक्ष लाभ देने तथा वर्ष 2019 के शासनादेश में आवश्यक संशोधन की मांग की गई है।
पूर्व सांसद ने अनुसूचित जनजाति एवं आदिवासी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें क्षेत्र के प्राकृतिक खनिज संसाधनों से प्रत्यक्ष लाभ दिलाने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
कार्रवाई की मांग वाले प्रमुख मुद्दे
मेडिकल कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई, मेडिकल कॉलेज विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण, सरकारी आवासों से अवैध कब्जे हटाने, अस्पताल परिसर को अतिक्रमण मुक्त करने और आदिवासी एवं मूल काश्तकारों के हित में खनन नियमों में संशोधन की मांग प्रमुख रूप से की गई है।
पूर्व सांसद नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि सोनभद्र के विकास और यहां की जनता से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री के समक्ष सभी बिंदुओं को विस्तार से रखा गया है और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिला है।



