बभनी सीएचसी में कचरे में मिली जली दवाएं
— मेडिकल वेस्ट के साथ फेंकी गई दवाइयों पर उठे सवाल

बभनी (अजीत पाण्डेय).बभनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मेडिकल वेस्ट के साथ कूड़े के ढेर में बड़ी मात्रा में जली हुई दवाएं मिली हैं। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने इस पर रोष व्यक्त किया है, जबकि विभाग का कहना है कि ये सभी दवाएं एक्सपायरी थीं।
मिली हुई दवाओं में गोलियां, इंजेक्शन और सिरप शामिल हैं, जो मेडिकल वेस्ट के साथ जलाई गई थीं। यह घटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी परिसर के पास सामने आई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर मरीजों को दवाएं न होने का बहाना बनाकर बाहर से खरीदने को कहा जाता है, जबकि अस्पताल के गोदाम की दवाएं कचरे में फेंकी हुई मिल रही हैं। कुछ लोगों का दावा है कि कचरे में मिली दवाएं उपयोगी थीं और बिना एक्सपायर हुए ही फेंकी गई थीं। हालांकि, जल जाने के कारण उनकी एक्सपायरी डेट की पुष्टि नहीं हो पा रही है।
मेडिकल वेस्ट के साथ दवाओं को खुले में जलाना पर्यावरणीय प्रदूषण का कारण भी बन रहा है, जिससे स्वास्थ्य केंद्र के आसपास के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इस मामले को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला सह सचिव ने जिलाधिकारी से विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी के प्रभारी अधीक्षक राजन सिंह ने बताया कि मेडिकल वेस्ट कंटेनर जब एक्सपायरी दवाएं लेने आए होंगे, तो कुछ दवाएं गलती से गिर गई होंगी। सफाई के दौरान वे कचरे के ढेर में चली गईं और बाद में जल गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिली हुई सभी दवाएं एक्सपायरी डेट की थीं।



