टोल प्लाजा वालो की गुंडई एक ही यात्रा मे दो बार कटा टोल
डाला/सोनभद्र (जगदीश तिवारी) उपसा द्वारा स्थापित टोल प्लाजा पर वाहन स्वामियों से कथित रूप से अनियमित तरीके से टोल शुल्क काटे जाने का मामला सामने आया है। भुगतान कटने के 10 दिन बाद भी राशि वापस न होने से वाहन स्वामी मानसिक रूप से परेशान है।
डाला निवासी आशुतोष कुमार ने बताया कि 29 मई को अहरौरा और नरायनपुर फत्तेपुर टोल प्लाजा पर उनकी कार से कुल 230 रुपये के बजाय नियम के विपरीत दो बार टोल शुल्क काट लिया गया। उनका कहना है कि अहरौरा स्थित अस्थायी टोल प्लाजा पर फास्टैग के माध्यम से 165 रुपये कटने के बाद नरायनपुर फत्तेपुर टोल पर वाहन को केवल स्कैन कर बिना अतिरिक्त शुल्क के छोड़ दिया जाना चाहिए था लेकिन वहां भी 165 रुपये का टोल शुल्क काट लिया गया।वाहन स्वामी ने इसकी शिकायत नरायनपुर-फत्तेपुर टोल कार्यालय में दर्ज कराई। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि राशि गलत तरीके से कटी है और आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर पैसा स्वतः वापस हो जाएगा। हालांकि 10 दिन बीत जाने के बाद भी राशि वापस नही हुआ है। आशुतोष कुमार ने बताया कि दोबारा संपर्क करने पर टोल कर्मचारियों ने उन्हें फास्टैग से जुड़े बैंक में शिकायत दर्ज कराने का सलाह दिया। उन्होने आरोप लगाया कि इतनी दूरी पर कुल तीन टोल प्लाजा स्थापित है जो नियमो के विरुद्ध है जिसमें अहरौरा स्थित टोल प्लाजा नियमों के विपरीत वसूली का केंद्र बन गया है जहा कई वाहन चालकों से गलत तरीके से भुगतान काटे जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। साथ ही वाहन स्वामी के मुताबिक एक स्थान पर टोल शुल्क कटने के बावजूद दूसरे टोल प्लाजा पर भी शुल्क वसूल लिया गया जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ साथ अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर राशि वापस दिलाने तथा ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।



