लापरवाह आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर गिरी गाज मानदेय रोका सेवा समाप्ति की चेतावनी
कोन/सोनभद्र (आनन्द जायसवाल) बाल विकास परियोजना चोपन के अंतर्गत ग्राम पंचायत खेमपुर में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण में अनियमितता और लाभार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार के मामले में विभाग ने सख्त कारवाई किया है। बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, खेमपुर प्रथम की कार्यकत्री संध्या देवी एवं खेमपुर द्वितीय की कार्यकत्री शगुफ्ता आफरीन का मार्च 2026 से मानदेय व प्रोत्साहन राशि तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है।
जांच में अनियमितता की पुष्टि
ग्रामीणों एवं ग्राम प्रधान की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी कोन द्वारा गठित जांच समिति ने 18 मार्च 2026 को पंचायत भवन खेमपुर में जांच की। जांच में पोषाहार वितरण में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। साथ ही कार्यकत्रियों पर लाभार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार और सहायिकाओं के प्रति जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप भी सही पाए गए।
नई कार्यकत्रियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
केंद्रों के संचालन को सुचारू बनाए रखने हेतु विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। खेमपुर प्रथम का प्रभार मोहिउद्दीनपुर की कार्यकत्री शीला देवी को सौंपा गया है। वहीं खेमपुर द्वितीय का कार्यभार किशुनचक की प्रियंका देवी तथा खेमपुर तृतीय (अतिरिक्त प्रभार) का कार्य खेतकटवा की कार्यकत्री मीरा को दिया गया है।
नई कार्यकत्रियों को निर्देशित किया गया है कि वे ग्राम प्रधान, सहायिका एवं मुख्य सेविका की उपस्थिति में फेस कैप्चर के माध्यम से पारदर्शी तरीके से पोषाहार वितरण सुनिश्चित करें। स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त प्रभार हेतु कोई अतिरिक्त मानदेय देय नहीं होगा।
अंतिम चेतावनी जारी
CDPO ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि संध्या देवी को पूर्व में भी चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन सुधार नहीं हुआ। ऐसे में दोनों कार्यकत्रियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि भविष्य में लापरवाही या असहयोग पाया गया तो उनकी सेवा समाप्ति की कारवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में जारी आदेश की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम अधिकारी सोनभद्र सहित संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है।



