तीन दिवसीय महिला संगोष्ठी का किया गया उद्घाटन

महिलाओं की सामाजिक भागीदारी से सशक्त होंगी पंचायतें

म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
स्थानीय ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित सामाजिक संस्थान बनवासी सेवा आश्रम के विचित्रा महा कक्ष में मंगवार को तीन दिवसीय महिला संगोष्ठी का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर मुंबई से आई सामाजिक कार्यकता मोनिका और नीता ,नीरा ने किया संगोष्ठी का इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है। मोनिका ने कहा कि
महिला सशक्तिकरण – “स्वयं सहायता समूह के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता हो सकती है उन्होंने बघाड़ू की -फूलवन्ती बहन का उदाहरण देते हुए कहा कि फूलवंती को मौका मिला तो वह खुद को साक्षर हुई और समाज का नेतृत्व कर रही है कहा कि महिलाओं की भागीदारी से पंचायत निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भूमिका बढ़ सकती है।
महिला सुरक्षा कानून नीता और नीरा ने बताया की संगठित प्रयासों के बारे में जानकारी देने के साथ
सामाजिक-आर्थिक-सांस्कृतिक अन्याय के खिलाफ जागरूकता और समाधान ढूंढना। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है ग्राम स्वालंबन (गाँव की आत्मनिर्भरता) और आगे की कार्ययोजना बनाना ताकि महिलाएँ खुद अपनी समस्याओं का निदान करें।
जैविक खेती, समानता, सामूहिक गीत, खेल और फिल्म के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता बढ़ाना।है यह गोष्ठी महिलाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर, नेतृत्वकारी और संगठित बनाने का माध्यम है, ताकि वे समाज में अपनी भागीदारी बढ़ा सकें और गाँव/समुदाय का विकास खुद कर सकें।पहले दिन के सत्र के समापन अवसर पर शुभा प्रेम ने महिलाओं को पंचायतों और गांव में सक्रिय भूमिका बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की ।मौके पर 37 पंचायतों की लगभग 65 महिलाओं ने प्रतिभाग किया।


