सतबहनी गांव में चलाया गया टीवी पर जागरूकता कार्यक्रम

बभनी/सोनभद्र (अजित पांडेय) हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग रेणुकूट और जिला स्वास्थ्य विभाग सोनभद्र के संयुक्त तत्वाधान में बभनी क्षेत्र के सतबहनी गांव के आंगनवाड़ी केंद्र के पास में टीबी उन्मूलन पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। सोमवार को हुए इस कार्यक्रम में कठपुतली नृत्य , नुक्कड़ और जादू के माध्यम से ग्रामीणों को टीबी के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टीबी के लक्षण, इसकी जांच और शीघ्र इलाज के महत्व के बारे में जानकारी देना था। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
टीबी के प्रमुख लक्षणों में दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, खांसी के साथ खून आना, शाम को तेज बुखार, रात में पसीना आना, बिना कारण वजन कम होना, भूख न लगना, थकान, कमजोरी, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं।
ग्रामीणों को सलाह दी गई कि इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्हें डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित रूप से और पूरा कोर्स लेने की सलाह दी गई। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ‘डायरेक्टली ऑब्जर्व्ह ट्रीटमेंट’ (DOT) कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्यकर्मी उपचार की निगरानी करते हैं।
इसके अतिरिक्त, डॉक्टर की सलाह पर बलगम या रक्त परीक्षण जैसी टीबी की जांच अवश्य करवाएं। खांसते और छींकते समय मुंह को ढककर स्वच्छता बनाए रखने से संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।
कार्यक्रम में बताया गया कि टीबी के लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पीएचसी, सीएचसी या जिला अस्पताल में जांच करानी चाहिए। सरकारी प्रावधानों के अनुसार, इन स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच और उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान त्रिवेनी सिंह ,जान सिंह गोड़ मोहन सिंह गोड़ राम अवतार सिंह जवाहर जोगी तुकाराम ,आशा कार्यकर्ता प्रभावती देवी विजय कुमार, रामचरन ,हिंडालको CSR के मुख्य ब्लॉक संयोजक लालकेश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग ग्रामीण उपस्थित रहे।




