सोनभद्र

विशाल भंडारे के साथ श्री विष्णु महायज्ञ और श्रीराम कथा का हुआ भव्य समापन

म्योरपुर /सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
स्थानीय खेल मैदान पर पिछले कई दिनों से चल रहा श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीराम कथा रविवार को पूर्ण विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच भव्य रूप से सम्पन्न हो गया। समापन दिवस पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञ मंडप में आचार्यों द्वारा हवन-पूजन कराया गया तथा पूर्णाहुति के साथ विश्व शांति, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई।कथा के अंतिम दिन कथा वाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने भगवान श्रीराम के रावण वध, अयोध्या आगमन और राजगद्दी के प्रेरक प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। कथा सुनते ही पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। कथा वाचक ने बताया कि लंका में अधर्म और अत्याचार के प्रतीक रावण का वध कर भगवान श्रीराम ने धर्म की स्थापना की। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, करुणा और न्याय का आदर्श है। रावण वध के प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि जब प्रभु श्रीराम ने ब्रह्मास्त्र से रावण का अंत किया, तब देवताओं ने पुष्पवर्षा कर धर्म की विजय का उत्सव मनाया। इसके पश्चात श्रीराम के अयोध्या लौटने का प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचक ने कहा कि चौदह वर्ष के वनवास की अवधि पूर्ण कर जब प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटे तो नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका भव्य स्वागत किया। अयोध्या नगरी दीपों की रोशनी से जगमगा उठी और हर ओर हर्षोल्लास का वातावरण बन गया। यही प्रसंग दीपावली पर्व की परंपरा का आधार है। राजगद्दी के प्रसंग में उन्होंने बताया कि गुरु वशिष्ठ के मार्गदर्शन में श्रीराम का विधिवत राजतिलक हुआ और रामराज्य की स्थापना हुई। रामराज्य में न्याय, समानता और समृद्धि का वातावरण था, जहां कोई भी दुखी नहीं था। कथा वाचक ने कहा कि रामराज्य केवल एक शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि आदर्श जीवन मूल्यों का प्रतीक है। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने कथा वाचक का अंगवस्त्र भेंटकर सम्मान किया। समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सुबह से देर शाम तक प्रसाद वितरण चलता रहा। महिलाओं, युवाओं और स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को बैठाकर भोजन कराया। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा।कार्यक्रम के अंत में आयोजक समिति द्वारा कथा वाचक, आचार्यों और सहयोगियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर एससी एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, सोनाबच्चा अग्रहरी, दीपक सिंह, आशीष अग्रहरी (बिट्टू), गणेश जायसवाल, जितेंद्र गुप्ता, दीपक अग्रहरि,अजय अग्रहरि, समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Vikash Agrahari

विकास अग्रहरी सोनभद्र म्योरपुर निवासी है। कम समय मे विकास अग्रहरी आज जिले की पत्रकारिता मे एक जाना पहचाना नाम है।

Related Articles

Back to top button
BREAKING NEWS
अनपरा नगर पंचायत के मालवीय नगर मे बरसात मे बढ़ा मच्छरो का प्रकोप फागिंग का छिड़काव ना होने से लोगो मे ... डीएवी रिहन्द में हेड बॉय, हेड गर्ल का हुआ चुनाव, शिवम तिवारी बने हेड बॉय और दुर्गा गुप्ता बनी हेड गर... सोनभद्र में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल व एमआरआई मशीन की मांग तेज कचनरवा प्रधान पति समेत 10 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से काली मंदिर का होगा सुंदरीकरण नपं अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन सर्राफा व्यापारी से लूट मामले में फरार 2 अभियुक्तों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित अनियंत्रित ट्रेलर ट्रक पुलिया के नीचे गिरने से चालक की मौत दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में गर्भवती महिला समेत चार घायल टहलने निकले युवक पर धारदार हथियार से हमला, गंभीर हालत में रेफर 🦟 बरसात में बढ़ा मच्छरों का प्रकोप, ग्रामीणों ने की मच्छर रोधी दवा के छिड़काव की मांग
Download App