श्रीराम कथा के पांचवें दिन राम–सीता विवाह व सीता विदाई प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

म्योरपुर/ सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
स्थानीय खेल मैदान पर आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार की सायं भगवान श्रीराम और माता सीता के पावन विवाह तथा विदाई प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और पूरे परिसर में “जय श्रीराम” व “जय सियाराम” के जयघोष गूंजते रहे। श्रोतागण भाव विभोर होकर नाच-गाकर श्रीराम के चरणों में प्रणाम करते नजर आए।
कथावाचक पंडित दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने अपने ओजस्वी एवं मार्मिक वचनामृत से जनकपुर में सम्पन्न भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह का सजीव चित्रण किया। उन्होंने बताया कि ऋषि विश्वामित्र के साथ मिथिला पहुंचे श्रीराम ने राजा जनक की शर्त पूर्ण करते हुए शिवजी का धनुष तोड़ा, जिसके पश्चात माता सीता के साथ उनका विवाह सम्पन्न हुआ। कथावाचक ने इसे मर्यादा, त्याग और आदर्श गृहस्थ जीवन की अनुपम मिसाल बताया।
कथा के क्रम में जब माता सीता की विदाई का प्रसंग आया तो पूरा पंडाल भावुक हो उठा। मिथिला की रानियों, सखियों और स्वयं राजा जनक का करुण भाव, माता-पिता का स्नेह, भाई-बहनों का प्रेम और मायके से विदा होने की व्यथा का ऐसा सजीव वर्णन किया गया कि अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। विशेषकर महिलाएं इस प्रसंग से गहराई से जुड़ती नजर आईं। विदाई के समय माता सीता मिथिला की साड़ियों, सखियों और मायके की स्मृतियों को हृदय में संजोए अयोध्या के लिए विदा हुईं। अयोध्या पहुंचने पर माता कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी ने बहुओं का भव्य स्वागत किया।
राम कथा के दौरान बीच-बीच में श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा रहा। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे थे। कथा समापन पर श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चांद प्रकाश जैन, जिला महामंत्री सोनबच्चा अग्रहरी, मंडल अध्यक्ष रणजीत पनिका, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जीत सिंह खरवार, ग्राम प्रधान संगीता जायसवाल, आशीष अग्रहरी (बिट्टू), गणेश जायसवाल,रवि शंकर,शशांक अग्रहरि, सुजीत अग्रहरि, अमित रावत, दीपक योगी अजय अग्रहरि,मिथलेश, मोनू जायसवाल सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।



