सोनभद्र

मैं जमाने की नजरों में नाकाम हूँ, क्यों कि मैने किसी को छला ही नहीं…


मधुरिमा साहित्य गोष्ठी बैनर तले भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन


सोनभद्र/संवाददाता/ जिला मुख्यालय के आर टी एस क्लब में शुक्रवार की रात मधुरिमा साहित्य गोष्ठी के 64 वें भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन में कवियों ने कविता ,पाठ के जरिए दर्शकों को खूब हंसाया और गंभीर सामाजिक चिंतन का बोध कराने के साथ देश की एकता अखंडता के प्रति सचेत कराया, चंदौली से पधारे गीतकार मनोज मधुर ने जमाने की नजरों में नाकाम हूँ, क्योंकि मैने किसी को छला ही नहीं ..पड़ी,शिक्षक और चिंतक युवा कवि यथार्थ विष्णु ने पर्यावरण पर आई संकट के लिए संघर्षरत जगत नारायण विश्वकर्मा को समर्पित करते हुए जिले की व्यथा उजागर करते हुए ये रचना पढ़ी. हम जगमग करते है सबको रहते भले अंधेरे में, नाम हमरा सोनभद्र है दीपक जैसी हालत है।सुविख्या कवित्री डॉ रचना तिवारी ने भ्रूण हत्या को लेकर गंभीर चिता व्यक्त करते हुए कथित सभ्य समाज पर शब्दों का तमाचा जड़ते हुए ये पंक्तियां प्रस्तुत की.पेट में कत्ल का सिलसिला रोकिए,..अंतराष्ट्रीय पहचान रखने वाले नोएडा से पधारे गीतकार डा सुरेश ने ,बीत जाएंगे कुहासे भर दिन प्रस्तुत की ,अबुल हई ने अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा बस सच के सिवा कुछ नहीं कहा मैने..तमाम चेहरों का पानी उतर..डा धर्म प्रकाश मिश्र ने वर्तमान राजनीतिज्ञों पर कड़ा प्रहार करते हुए ये रचना प्रस्तुत की और लोगो को पेट के बल हंसने को मजबूत किया “कौन कहता है गिद्ध भारत से लुप्त हुए,अब पेड़ों के बजाय कुर्सियों पर पाए जाते है, वरिष्ठ कवि डा लखन राम

जंगली ने जिले में उद्योगों की जाल बिछने से उपजी स्थिति को रेखांकित करते हुए ये रचना प्रस्तुत की” जंगली के घर बिछ गइस कारखानन कर जाल, जंगली,जंगली रह गइस बाकी माला मॉल, वाराणसी से पधारे सलीम शिवालवी ने” हम हौसला नहीं हारे.. प्रस्तुत की।प्रभात सिंह चंदेल ने मेरे माथे पर भारत महान लिख देना..प्रस्तुत की। संचालन कर रहे नागेश शांडिल्य ने वाहन के आगे ये कैसी बेहिसाबी है.. अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर से पधारे कवि मनमोहन मिश्र ने सामाजिक चेतना जगाते हुए ये रचना प्रस्तुत की.. कीचड़ किसी पे मुझसे उछला न जाएगा।.. साथ ही अजय चतुर्वेदी, विवेक चतुर्वेदी, युवा गजल कार कमल नयन त्रिपाठी ने भी श्रोताओं आनंदित किया। मुख्यातिथि नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद ने मधुरिमा के नींव रखने वाले साहित्यकार पंडित अजय शेखर के जीवन और उनसे मिली प्रेरणा का जिक्र किया। और कहा कि दुनियां के लिए शेखर ईमानदारी के प्रतीक है।मौके पर सीओ रणधीर मिश्रा, जगदीश पंथी,बेल्जियम की अनु मारिया डेविड, संघमित्रा, कृष्ण मुरारी गुप्ता,विमल सिंह, जगत आशुतोष उर्फ मुन्ना, सुरेश कुमार, मुलायम सिंह, समेत भारी संख्या श्रोता उपस्थित रहे।

फोटो

Vikash Agrahari

विकास अग्रहरी सोनभद्र म्योरपुर निवासी है। कम समय मे विकास अग्रहरी आज जिले की पत्रकारिता मे एक जाना पहचाना नाम है।

Related Articles

Back to top button
BREAKING NEWS
फोन पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने का आरोप, प्रधान पति पर मुकदमा दर्ज शहीद ए आजम भगत सिंह को भारत रत्न देने की उठी मांग सोनभद्र मे चला हस्ताक्षर अभियान दो अलग अलग घटनाओं में दो किशोरों की मौत मेधावियों का सम्मान माँ वैष्णों माडर्न गर्ल्स हाई स्कूल का 98 प्रतिशत रिजल्ट टापर्स हुए सम्मानित म्योरपुर मे बालिका हत्याकांड का हुआ खुलासा रिश्ते मे मामा ने किया हत्या मुठभेड़ मे पैर मे लगा गोली आर... एक्शन मोड मे सत्येंद्र राय फुट मार्च कर लोगों को नशे के प्रति जागरूक किया अधिवक्ताओं का हित सर्वोपरि - विनोद पांडेय मारकुंडी मे जन आक्रोश रैली पदयात्रा निकली महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करने वाले तीन शोहदे अलग-अलग क्षेत्रों से गिरफ्तार मेडिकल कालेज गुंडा टाईप के डाक्टरो व दलालो का अड्डा - संदीप मिश्रा
Download App