टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चकिया के शिक्षकों ने सांसद को सौंपा ज्ञापन

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) नो टेट बिफोर आरटीई एक्ट के मुद्दे को लेकर रविवार को चकिया विकासखंड के शिक्षकों ने सांसद छोटेलाल खरवार को उनके राबर्ट्सगंज स्थित आवास पर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सांसद के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित किया गया।
शिक्षक संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि 1 सितंबर 2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार दो वर्ष के भीतर टेट अनिवार्यता और प्रमोशन से जुड़े मुद्दों पर विधेयक लाकर 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट से मुक्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि जब 2011 के पूर्व शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, तब वे सभी निर्धारित अर्हताएं और मानक पूर्ण करके चयनित हुए थे, ऐसे में वर्तमान समय में उन पर टेट परीक्षा को अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है।
शिक्षकों ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में असंतोष का माहौल है और लाखों शिक्षक मानसिक दबाव में हैं। दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष व टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़े आंदोलन की अनुमति मांगी गई, लेकिन दो बार अनुमति मिलने के बाद भी निरस्त कर दी गई, जिससे शिक्षकों में रोष है।
इस मौके पर मंत्री बाबूलाल, कोषाध्यक्ष अनिल यादव, ओमप्रकाश दुबे, कनक कांति मिश्रा, उपाध्यक्ष संदीप कुमार सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।


