ब्लॉक परिसर में पानी का हो रहा दुरुपयोग भ्रष्टाचार और लापरवाही के बीच टंकी से घंटों बहता रहा ओवरफ्लो पानी

म्योरपुर /सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
एक ओर जहां दक्षिणांचल के ग्रामीण अंचलों में वर्षों से जल संकट गहराता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर म्योरपुर ब्लॉक परिसर में पानी की खुली बर्बादी ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। ब्लॉक परिसर में स्थित पानी की टंकी से लगातार ओवरफ्लो होता पानी बहते देखा गया, जो लंबे समय तक बिना किसी रोक-टोक के यूँ ही बहता रहा।क्षेत्र के आदिवासी सहित सभी वर्ग के लोग जहां हर बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सरकारी कार्यालय में मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। कई लोग बताते हैं कि टंकी से पानी लगभग एक घंटे से भी अधिक समय तक बहता रहा, लेकिन परिसर में मौजूद किसी भी अधिकारी ने इसे रोकने की जहमत नहीं उठाई।सरकार द्वारा पानी के संरक्षण और यथोचित उपयोग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, बावजूद इसके म्योरपुर ब्लॉक परिसर में हुए इस लापरवाहीपूर्ण घटनाक्रम ने अधिकारियों की संवेदनहीनता और उदासीनता को उजागर कर दिया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सरकारी तंत्र ही पानी जैसे संसाधन का संरक्षण नहीं कर पा रहा है, तो आम जनता से जागरूकता की उम्मीद कैसे की जा सकती है? जल संकट से जूझ रहे क्षेत्र में ऐसी घटनाएँ चिंताजनक हैं और संबंधित विभागों पर कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं।फिलहाल परिसर के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि ग्रामीणों ने मांग की है कि ब्लॉक प्रशासन इस तरह की लापरवाही पर रोक लगाए और पानी के संरक्षण को प्राथमिकता दे।


