समूह सखी महिलाएं बना रही हर्बल रंग आत्मनिर्भर के लिए मधु मक्खी पालन केंद्र शुरू

बीजपुर(रामजियावन गुप्ता)जरहा न्याय पंचायत अंतर्गत एनएलआरएम के सहयोग से दर्जनों गाँवो में संचालित 40 समूह सखी से जुड़ी सौकड़ों महिलाओं में गजब का उत्साह है।समूह सखी संचालिका वकीलुन निशा और ममता देवी तथा अनवरी बेगम ने बताया कि होली के अवसर पर केमिकल युक्त रंग की जगह हर्बल रंग जंगली फूल पत्तियो से बनाने का कार्य तेजी से गाँवों में संचालित हो रहा है।हर्बल रंगों में लाल गुलाबी हरा पीला रंग के लिए लाल गुलाल पलास के फूल से हरा रंग सेम और पालक के पत्तों से तो गुलाबी रंग चुकंदर से और पीला रंग हल्दी से बनाया जाता है।

समूह सखी वकीलुन निशा ने बताया कि डोडहर नेमना जरहा बीजपुर सहित म्योरपुर ब्लाक क्षेत्र के अन्य गाँवों मे कुल चालीस महिला समूह सखी संचालित है जिसमे नीलम समूह कृष्णा समूह के अलावा अन्य समूह का संचालन वकीलुन निशा ने करते हुए महिलाओं से अचार पापड़ चिप्स सहित 16 पेटी मधु मक्खी पालन शुरू करा कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना कर सैकड़ो महिलाओं

को अपने पैर पर खड़ा करने में लगी हुई है।
समूह सखी संचालिका वकीलुन निशा ने बताया कि हर्बल रंग का होली में सभी लोग उपयोग करें यह गुलाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नही है यह जंगली फूल पत्तो से बना केमिकल विहीन रंग है।कहा की समूह में आत्मनिर्भर बनने के लिए महिलाओं में गजब का उत्साह है इसके लिए सरकार सहयोग भी कर रही है।



