सोनभद्र

दो राज्यों में तेंदू पत्ता के कीमतों में भारी अंतर को लेकर मजदूरों में आक्रोश

यूपी में 180 तो पड़ोसी राज्य में 550 रुपए प्रति सैकड़ा बिक रहा है तेंदू पत्ता

म्योरपुर/ सोनभद्र(विकास अग्रहरि)

दक्षिणांचल के जगलो सहित पड़ोसी राज्य एम पी और छत्तीसगढ़ के जंगलो में पाए जाने वाले तेंदू पत्ता के दामों में अलग अलग राज्य में अलग अलग कीमत पर तेंदू पत्ता खरीदे जाने को लेकर तेंदू पत्ता मजदूरों में आक्रोश है।रामदेव,शिव पूजन, देव शाह,अनार कली, मोहर शाह, दल शाह, पूनम,शिव दयाल, रघुबर,नथुनी ,कमला, आदि मजदूरों का कहना है कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़,एम पी में भी एक की पार्टी की सरकार है लेकिन हम यूपी के मजदूरों का शोषण हो रहा है।कहा है की छतीसगढ और एम पी में तेंदू पत्ता 550 रुपए प्रति सैकड़ा खरीदा जा रहा है जबकि वही तेंदू पत्ता अपने राज्य में 180 रुपए प्रति सैकड़ा है।इस तरह भारी अंतर से हम मजदूर ठगे जा रहे है साथ ही सीमावर्ती क्षेत्र का तेंदू पत्ता अन्य राज्यो में तस्करी की जा रही है जिससे राज्य को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।राज्य सरकार से उपरोक्त मजदूरों ने मांग उठाई कि जितना कीमत छत्तीसगढ़ सरकार दे रही है उतना दाम यूपी के मजदूरों को भी दिया जाए । अन्यथा हम मजदूर अगली बार से तेंदूपत्ता ना तोड़ने पर बाध्य होंगे।

Vikash Agrahari

विकास अग्रहरी सोनभद्र म्योरपुर निवासी है। कम समय मे विकास अग्रहरी आज जिले की पत्रकारिता मे एक जाना पहचाना नाम है।

Related Articles

Back to top button
BREAKING NEWS
भारी बारिश के चलते सोनभद्र में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय आज बंद अनपरा गेस्ट हाउस मे मण्डल कार्यसमिति सत्यापन एवं प्रवास योजना की बैठक प्रमोद शुक्ला की अध्यक्षता मे ... 33 लाख के शराब के साथ आरोपी को पिपरी पुलिस ने किया गिरफ्तार भारी बारिश और जलभराव के चलते 3 सितंबर को भी बंद रहेंगे माध्यमिक विद्यालय बारिश के चलते सोनभद्र में कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल 3 सितंबर को बंद नगवा ब्लाक मुख्यालय से बिछिया गोसा का संपर्क मार्ग टूटा सफाई कर्मियों के स्थानांतरण में खेल, खलियारी में डस्टबिन से उठ रही दुर्गंध से संक्रामक रोगों का खतरा मारकुंडी घाटी के झरने में पिकनिक का मातम, पहाड़ी से गिरकर युवक की मौत सत्येंद्र राय की बड़ी सफलता चोरी हुये बोलेरो को 36 घंटे के अंदर बरामद कर आरोपी को किया गिरफ्तार दो टोलों के 50 घरों में आज तक नहीं पहुंची बिजली, 250 से अधिक ग्रामीण अंधेरे में
Download App