श्रीराम कथा के छठवें दिन राम सीता विवाह प्रसंग सुन निहाल हो गए भक्तगण

बीजपुर(रामजियावन गुप्ता)दुदहिया मंदिर परिसर में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा के छठवें दिन राम जानकी विवाह प्रसंग सुन श्रद्धालुजन निहाल हो गए और जमकर थिरके।कथा वाचक रामचन्द्र दास ने जब बागवानी में सीता राम के मिलन का बखान किया “राम देखे सिया को सिया राम को
चारो अखिया लड़ी की लड़ी रह गई।
तो भक्तगण झूम उठे और बताया कि देश के कोने कोने से आए राजाओ से जब शिव का धनुष उठा तक नही तो गुरु की आज्ञा पाकर राम ने शिव धनुष को उठाकर तोड़ डाला शर्त के अनुसार माता जानकी ने श्रीराम को वर माला पहना कर अपने पति के रूप में चुना।कथा वाचक ने सुंदर भजनों
” श्री रघुवर कोमल कमलनयन को पहनाओ जयमाला
यह पूण्य मुहूर्त श्रणिम अवसर फिर नही आने वाला”
के द्वारा उपस्थित श्रोताजनो को भाव विभोर कर दिया।मंत्रोउपचारन के साथ राम जानकी विवाह संपन्न हुआ।इस मौके पर इन्द्रेश सिंह, लल्लन सिंह, यसवंत सिंह, गिरजाशंकर पांडेय, श्रीराम यादव,राजेश जायसवाल, उपेन्द्र प्रताप सिंह, राजेश सिंह, रामकृत गुप्ता, अनिल त्रिपाठी सहित सैकड़ो श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे।



