आईपीएफ ने उठाई मिट्टी का तेल देने की मांग

अंधेरे में जीने को मजबूर बभनी के ग्रामीण
बभनी सोनभद्र। सरकार द्वारा एक तरफ जहां निर्बाध बिजली देने की बात की जा रही है वहीं बभनी ब्लाक के घघरा, चौना, बरवें, रंदह, चैनपुर, मचबंदवाह आदि गांवों में 3 दिन से बिजली का की सप्लाई नहीं हो रही है जिसके कारण भीषण बरसात के इस मौसम में ग्रामीणों को सर्प, बिच्छी आदि विषैला जीव जंतु के काटने और मृत्यु होने का खतरा मंडरा रहा है। सरकार द्वारा मिट्टी का तेल के वितरण पर रोक लगाने के कारण वैकल्पिक स्रोत भी गांव में बंद हो गए हैं और ग्रामीणों को अंधेरे में अपने जीवन को चलाना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को चाहिए की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करें और उजाले के लिए वैकल्पिक स्रोत के बतौर राशन की दुकानों पर मिट्टी का तेल वितरण को सुनिश्चित करें। यह बातें आज ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के बभनी ब्लाक संयोजक इंद्रदेव खरवार ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों के बीच कही।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार मिट्टी के तेल पर सबसे ज्यादा सब्सिडी देती थी जिसे अब भारत सरकार ने बंद कर दिया और मिट्टी के तेल का वितरण रोक दिया है। इस कारण गांव में रात के अंधेरे को दूर करने के वैकल्पिक स्रोत लालटेन आदि भी लोग नहीं जला पा रहे हैं। इस मौसम में गांव में बड़े पैमाने पर विषैला जीव जंतु निकल रहे हैं जिनके काटने से मृत्यु का भय बना हुआ है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। एक तरफ मुख्यमंत्री जी 18 घंटे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली देने की बात कर रहे हैं वही हालत यह है कि तीन-तीन दिन से बिजली सप्लाई रुकी हुई है। सरकार को इस पर ध्यान देकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। दौर में देव कुमार खरवार, रामचंद्र पनिका, दरोगा पनिका आदि लोग रहे।



