गांधी को सामान्य जीवन में उतारने की कोशिश होनी चाहिए

गांधी विचार किसी ना किसी रूप में हर आदमी के अंदर जीवित है
बनवासी सेवा आश्रम में आयोजित की गई विचार गोष्ठी
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित सामाजिक संस्थान बनवासी सेवा आश्रम के बिचित्रा महा कक्ष में सोमवार को राष्ट पिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दिन मनाया गया।उनके चित्र पर माल्यार्पण करते हुए गांधीवादी ,गांधी विचारक अरविंद अंजुम ने कहा कि गांधी विचारो को लेकर आज भी जिंदा है और मनुष्य के जीवन काल तक जीवित रहेंगे।वह हर मनुष्य के दिन में किसी ना किसी रूप ने है।उन्होंने ईश्वर ही सत्य है की जगह सत्य ही ईश्वर है की बात कही।क्योंकि सत्य ईश्वर के बराबर है। गांधी जीवन को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है।उन्होंने कहा की आज दुनिया के 150 देशों में अहिंसा दिवस के रूप गांधी को याद किया जा रहा है। मतलब कोई देश या व्यक्ति हिंसा नही अहिंसा पर विश्वास करता है। बच्चो के सवाल पर उन्होंने कहा की गांधी की हत्या को सही किसी सूरत में नही ठहराया जा सकता।लोक तंत्र ने विचारो को लेकर हत्या होने लगे तब तो मनुष्य का जीवन ही खत्म हो जाएगा क्योंकि सबके अपने भिन्न तरह के विचार है।शुभा प्रेम ने कहा की गांधी को समझने की जरूरत है।और क्या सही है क्या गलत इस पर अध्ययन करने का प्रयास होना चाहिए।मौके पर विमल सिंह डा विभा,सर्व जीत सिंह , देव नाथ सिंह,जगत नारायण विश्वकर्मा,इंदुबाला ,बिहारी,अमरजीत वर्मा,सुभाष चंद्रा विजय,प्रमोद शर्मा, पूजा विश्वकर्मा,आशा, प्रीति यादव, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे संचालन शिव शरण सिंह ने किया।
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