एशिया चैंपियन, राज्य पुरस्कार पाने वाला अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर जी रहा गुमनामी की जिंदगी

सोनभद्र (अरविंद गुप्ता) अनपरा क्षेत्र के रहने वाले जनपद के पहले अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी लव वर्मा अब गुमनामी की ज़िंदगी जीने पर विवश है। 2015 में 5 देशों के दिव्यांग एशिया कप चैंपियन बनने के बाद से लेकर 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करकमलों द्वारा प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ी के रूप में राज्य पुरस्कार मिलने के बाद भी लव वर्मा को सरकार द्वारा रोजगार अब तक नहीं मिल पाया है।

अब तक 11 अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया है । 2014 में श्रीलंका दौरे पर मैन ऑफ दी सीरीज होते हुए विजेता बनाया, 2015 में भारत में हुए 5 देशों के दिव्यांग एशिया कप में भारत को चैंपियन बनाने में प्रमुख भूमिका अदा की थी एशिया कप विजेता बनके लौटने के बाद लगा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रोजगार देंगे किंतु स्थानीय प्रतिनिधि से कोई मदद नहीं मिल पाया उसके बाद 2017 में बांग्लादेश दौरे पर ट्राई सीरीज में संयुक्त विजेता बने, 2018 में सर्वश्रेष्ठ फील्डर का पुरस्कार मिला, 2019 में नेपाल के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने के लिए भारतीय दिव्यांग टीम का कप्तानअब तक 14 सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों में राज्य पुरस्कार, दिव्यांग रत्न, दिव्यांग खेल रत्न, एनसीएल कोल् इंडिया द्वारा पुरस्कृत, स्वर्ण भारत खेल रत्न पुरस्कार, सोन खेल रत्न पुरस्कार आदि मिल चुका है।

लव वर्मा ने 2015 से लेकर अब तक अनपरा में रहकर 99 मैचों का सफलतापूर्वक आयोजन करवा कर यहां की प्रतिभाओं को निखारने का कार्य किया है जिसमें चार दिनी, तीन दिनी टेस्ट मैच, 50 ओवर, 40 ओवर, 2 जनपदों के मध्य सीरीज, 2 राज्यों के मध्य सीरीज आदि करवा के एक कीर्तिमान स्थापित किया हुआ है।

लव वर्मा ने मुख्यमंत्री, खेल राज्यमंत्री, केंद्रीय खेलमंत्री, मुख्य साचीव को पत्र लिखा । केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने केंद्रीय खेल मंत्री, मुख्यमंत्री को पत्र लिखा समाज कल्याण राज्य मंत्री, सांसद, ओबरा, सदर विधायक ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा । जनपद सोनभद्र में कई औद्योगिक कारखानों के होने के बावजूद जिलाधिकारी, सांसद, ओबरा,सदर विधायक ने औद्योगिक इकाईयों को रोजगार के लिए पत्र लिखा किंतु कोई रोजगार देने के लिए तैयार नहीं हुआ।

एक तरफ जहाँ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं खेल राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव प्रदेश के खेलों के लिए कई घोषणाएं किये । मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजन खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सामान्य खिलाड़ियों की भाँति राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन खिलाड़ियों को भी समस्त सुविधाएँ प्रदान करने हेतु स्वीकृति दी है, 600 खिलाड़ियों को शासकीय सेवाओं में शामिल करने की घोषणा की गई है, उत्तर प्रदेश नई खेल नीति 2023 को मंजूरी, राज्य खेल प्राधिकरण की स्थापना होगी एवं उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली 2022 अंतर्गत 9 विभागों के 24 पदों पर सीधे नियुक्ति का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
2014 से अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट की शुरुआत करने वाले लव वर्मा श्रीलंका से शानदार प्रदर्शन करके भारत को जीत दिलाने के बाद फरवरी 2015 में भारत मे हुए 5 देशों के दिव्यांग एशिया कप विजेता बनाने में प्रमुख भूमिका अदा की थी 2014 से 2021 तक अपने खेल के साथ साथ रोजगार के लिए भी भटकना पड़ा रोज एक नई उम्मीद लेकर अपने फाइलों को जनप्रतिनिधियों, राज्य मंत्री के पीछे भटकते रहे इसी बीच 3 दिसम्बर 2021 को उत्तर प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ी पुरुष वर्ग में राज्य पुरस्कार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा दिया गया तब उम्मीदें जगीं की अब शायद राज्य पुरस्कार पाने के बाद रोजगार की समस्या खत्म होगी और उन्हें जल्द सरकार द्वारा रोजगार देगी किन्तु उसके बाद भी डेढ़ वर्ष और बीत गए किंतु अब भी रोजगार की तलाश जारी है। पिता बाबू लाल वर्मा जो अनपरा तापीय परियोजना से अगस्त 2021 में साधारण कर्मचारी होते हुए सेवानिवृत्त होकर पैतृक आवास कुशीनगर चले गए जिसके बाद से लव वर्मा को रहने के लिए आवास तक के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है अब किराए के मकान में जैसे तैसे रह रहे किंतु अनपरा कॉलोनी के सीआईएसएफ मैदान में अनपरा जैसे क्षेत्र में रहकर छोटे बच्चों को क्रिकेट प्रशिक्षण देकर बड़ी बमुश्किल अपना गुजारा कर रहे है।
राष्ट्रीय,अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जनपद सोनभद्र को क्रिकेट के दुनिया में एक नई पहचान दिलाने वाले लव वर्मा के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा जहाँ उन्हें उनके जन्मस्थली जनपद में ही उन्हें सम्मान नहीं मिल पा रहा । एक तरफ सरकार ने दिव्यांग खिलाड़ियों को सामान्य खिलाड़ियों वहीं दिसम्बर 2022 में सोनभद्र जिलाधिकारी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पैदल चाल में स्वर्ण पदक जीतने वाले जनपद के रामबाबू को 11 बिस्वा जमीन का स्वीकृति पट्टा का प्रमाण पत्र एवं मुख्यमंत्री आवास दिया गया, सामान्य खिलाड़ी को राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने पर जिला प्रशासन द्वारा सम्मान दिया जाता है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एशिया कप विजेता सहित श्रीलंका, बांग्लादेश, दुबई में देश को गौरवान्वित करने वाले दिव्यांग खिलाड़ी को कोई सहयोग नहीं दिया गया क्योंकि वे सामान्य खिलाड़ी नहीं है एक दिव्यांग खिलाड़ी है । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा राज्य पुरस्कार पाने के बाद भी गुमनामी की ज़िंदगी जीने पर विवश है। इन सबके बावजूद लव वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं खेल राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव से उम्मीद लगाए हुए हैं कि सामान्य खिलाड़ियों के समान उन्हें भी रोजगार उत्तर प्रदेश सरकार देगी जिससे कि वे अपने देश के लिए आगे भी खेलते रहे।




