हर साल 16 लाख नौकरी का दावा महज प्रोपेगैंडा
6 लाख रिक्त पदों को भरने का वादा पूरा करे सरकार
आंकड़ेबाजी के बजाय हल करे रोजगार का सवाल
सोनभद्र। हर साल एक लाख सरकारी और 15 लाख निजी क्षेत्र में नौकरी मुहैया कराने का उत्तर प्रदेश सरकार का दावा महज प्रोपेगैंडा है। सच्चाई यह है कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, यहां तक कि विधानसभा चुनावों में रिक्त पदों को भरने के वादे को भी पूरा नहीं किया गया और अभी भी 6 लाख से ज्यादा रिक्त पद पड़े हुए हैं। उक्त बातें सोनभद्र में युवाओं से संवाद करते हुए संयुक्त युवा मोर्चा के केंद्रीय टीम के सदस्य राजेश सचान ने कहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसरों में भारी गिरावट आई है जोकि श्रम शक्ति भागीदारी दर में रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर आने से स्वतः स्पष्ट है। सोनभद्र जैसे पिछड़े जनपदों में तो बेरोजगारी की भयावह स्थिति है। जनपद में बेकारी की समस्या ज्यादा विकराल इसलिए भी हुई क्योंकि इस सत्र में न तो मनरेगा में काम मिला और न ही तेंदूपत्ता की तुड़ाई हुई। ग्रामीण आजीविका मिशन, रोजगार मेलों, मुद्रा लोन और स्टार्टअप जैसी योजनाओं के दावे जमीनी हकीकत के उलट हैं। यही हाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजनों का है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र में युवाओं के समूहों को उद्यम खोलने के लिए पूंजी, तकनीक व बाजार की गारंटी और टमाटर, मिर्च प्रोसेसिंग उद्योग, दाल मिल खोलने जैसे उपायों से यहां बेकारी की समस्या हल हो सकती है लेकिन इस दिशा में कुछ नहीं किया जा रहा है। संवाद में प्रमुख रूप से युवा मंच जिलाध्यक्ष रूबी सिंह गोंड, संयुक्त युवा मोर्चा चतरा ब्लॉक संयोजक विजय गुप्ता, रामाशीष धांगर, जीतेंद्र धांगर, संजय कुमार, दिलीप, कलिन्दर जायसवाल, मोलायन, अनिल कुमार, डब्लू पाल, रामसूरत गुप्ता, सत्यम जायसवाल, सुजीत कुमार, तेज बहादुर व विकास, विनय आदि ने अपने विचार व सुझाव रखे।



