अरहर खरीद के दुद्धी में क्रय केंद्र खोले जाने की आवाज हुई मुखर
आईपीएफ ने सीएम को पत्र भेज उठाई मांग
अरहर की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी हो
म्योरपुर, सोनभद्र।
केंद्र सरकार द्वारा कल अरहर के न्यूनतम समर्थन मूल्य 7000 रूपये कुंतल की घोषणा की गई है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा प्रदेश के किसानों के हित में इसे महत्वपूर्ण बताया गया है। लेकिन प्रदेश में अभी तक अरहर, मूंग आदि फसलों की सरकारी खरीद ही नहीं होती है। ऐसे में किसानों को इस घोषणा से लाभ तो तभी होगा जब सरकार किसानों से सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अरहर खरीद की गारंटी करे। इस बाबत आज आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के तहसील संयोजक शिव प्रसाद गोंड़ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र प्रेषित कर दुद्धी तहसील में अरहर के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र खोलने की मांग उठाई है। उन्होंने सरकारी व सहकारी समितियों के माध्यम से दाल मिलें स्थापित करने की भी मांग की ।
कहा कि अरहर के लिए बेहतर मिट्टी व जलवायु के कारण आदिवासी बाहुल्य दुद्धी तहसील में अरहर की खेती प्रमुख फसल के बतौर है। यहां जो अरहर पैदा की जाती है उसमें रसायनिक खादों का प्रयोग आम तौर पर नहीं होता। ऐसे में यहां की अरहर की दाल ज्यादा स्वादिष्ट है और स्वास्थ्य के लिए ज्यादा उत्तम है। कहा कि पिछड़ा क्षेत्र होने और सरकारी खरीद न होने से केन्द्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 7 हजार प्रति कुंटल से आधे से भी कम दामों पर किसानों को मजबूरन पर बेचना पड़ता है। कहा कि अगर दाल मिलें स्थापित की जाएं और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद की गारंटी हो, इसी तरह जनपद में टमाटर, मिर्ची प्रसंस्करण उद्योग आदि स्थापित हों तो न सिर्फ किसानों को इन फसलों का वाजिब दाम मिल सकेगा बल्कि इससे क्षेत्र में रोजगार सृजन भी होगा जिससे युवाओं के पलायन पर भी रोक लगेगी।



