नम आंखों से गले मिल हज के मुकद्दस सफर पर रुखसत हुए जायरीन

दुद्धी, सोनभद्र (एम.एस.अंसारी/अरविंद गुप्ता)। पवित्र हज 2023 के लिए यात्रा का सिलसिला शुरू हो चूका है। इस क्रम में दुद्धी क्षेत्र से भी हज यात्रियों का जत्था हज के सफर पर रवाना हो रहे है। गांव, कस्बा व नगर के लोग हज के लिए जाने वाले अपने अजीजों और रिश्तेदारों को इस पवित्र कार्य के लिए अवसर मिलने पर उनका इस्तकबाल करने के साथ मुबारकबाद पेश रहे है। नम आंखों से अलविदा कह रहे हैं और पवित्र हज को पूरा करके के सकुशल वापसी का कामना भी कर रहे है।

सोमवार को दुद्धी क्षेत्र के ग्राम निमियाडीह से बशारत अली अपनी अहलिया जुलेखा बानो के साथ हज के मुकद्दस सफर पर रवाना हुए। दोपहर एक बजे जोहर की नमाज पढ़ने के लिए जामा मस्जिद दुद्धी में दाखिल हुए। इस दौरान मौलाना नजीरुल कादरी, हाफिज तौहीद, हाफिज सईद अनवर, कारी उस्मान, हाजी फैजुल्लाह, हाजी फरजंद अली, मेराज अहमद, फतेह मोहम्मद खान सहित अन्य लोग उपस्थित थे। नमाज अदा करने के उपरांत महफिल ए मिलाद का आयोजन किया गया। मौलानाओं ने अपनी तकरीर में हज के उनवानों पर तफ़सील से व्याख्यान देते हुए बताया कि हज इस्लाम धर्म के पांच मुख्य बिन्दुओं में से एक है। हर मोमिन बंदा पर हज फर्ज है।
जो हज यात्रा का खर्च उठाने में सामर्थ्य रखता है। यह सफ़र 40 दिन का होता है। इस सफर के दौरान हाजी मक्का मोअज़्ज़मा और मदीना मनव्वरा के विभिन्न स्थानों का जीयारत करते है। इबादत करके अपने गुनाहों की माफी तलब करते हैं। हज के लिर पूरी दुनियां से आए मुसलमान मक्का मोअज़्ज़मा में नौ जिल्हिज़्ज़ा को एकत्र होकर हज के अंतिम अरकान को पूरा करते है।
इसके बाद लोगों से गले मिलते हुए चोपन त्रिवेणी एक्सप्रेस से लखनऊ जाने के लिए रवाना हुए। लखनऊ से 8 तारीख को जद्दा के लिए उनकी फ्लाइट है। इसके पूर्व कस्बे के तजम्मुल हुसैन अपनी अहलिया शकीला बानो के साथ हज 2023 के लिए रवाना हो चुके हैं। कोन क्षेत्र के देवाटन के रहवासी मु.शरफुद्दीन का पासपोर्ट न बनने की दशा में हज्जे बदल के रूप में अपने सुपुत्र मु.एजाज अहमद रजा को बोझल तबियत से रवाना किया।

सोमवार को ही पन्नूगंज क्षेत्र के रामगढ़ से रज्जब अली, उनकी पत्नी जुबेदा बैगम, ग्राम ढोढरी से अब्दुल कयूम, इशरत खातून, अमीना बेगम हज के मुकद्दस सफर के लिए रवाना हुए। इस मौके पर राजा भाई, लालू उर्फ सेराज हुसैन, इजहार अली, हसनैन, आमीन अंसारी, अकबर अंसारी, टीपू, आशु, मोबिन, जहांगीर खान, तेजू अंसारी, साजिद वारसी, रामगढ़ मस्जिद के मौलाना आलम नूरी, नसीम भाई, ताज खान, सुहैल अहमद, हसन, इसराइल अंसारी सहित रामगढ़ के तमाम मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर हज यात्रियों को मस्जिद से लेकर राजा शाहब के पेट्रोल पंप तक ले जाकर विदा किया।




