पर्यावरण दिवस को कनहर का अस्तित्व बचाने के लिए होगा धरना

दुद्धी, सोनभद्र। कनहर नदी के आस्तित्व बचाने के लिए आगामी पांच जून को पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक धरना के साथ अनशन का आयोजन किया गया है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में मैग्ससे पुरस्कार से सम्मानित जल पुरुष राजेन्द्र सिंह राणा को भी आयोजको द्वारा आमंत्रित किया गया है। इस बाबत पर्यावरणविद व् कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा ने तहसील क्षेत्र के व्यापारियों, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, पर्यावरण कार्यकर्ताओं के साथ मीडियाकर्मियों से उस कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील किया है। आन्दोलनकारियों का कहना है कि कनहर नदी में बीते कई दशकों से लगातार उत्खनन होने से उसके स्वरूप में काफी बदलाव आ चुका है। नदी में भारी भरकम मशीनों के जरिये नदी के गर्भ में मौत का कुआं बनाकर बालू का लगातार खनन किया जा रहा है। अब तक नदी में प्रतिवर्ष आने वाले बाढ़ के कारण ऐसे गढ्डे प्रतिवर्ष तेज बहाव के कारण बालू से भर जाया करते थे|।किन्तु अबकी कनहर डैम को पूरी तरह से बांधा जा चुका है। भारी बारिश बाढ़ आने पर समुद्र तल से करीब 251 मीटर लेविल पर लगे गेट के माध्यम से ही पानी का बहाव होगा।जिसमे बालू का बहाव न के बराबर होगा। ऐसे में जलीय जन्तुओं के साथ उत्खनन के लिए पोक्लैंड से किये गये गढ्डे को भरने कि संभावना भी क्षीण हो चुकी है। बीते कई वर्षों से पर्यावरण प्रेमियों द्वारा कनहर नदी में उत्खनन बंद कराने के लिए कई प्रयास किये, किन्तु भारी राजस्व का हवाला देकर वे अपने मंसूबे में कामयाब होते गये। यही कारण है कि विभागीय अधिकारीयों से सांठ-गाँठ कर खनन माफिया प्रतिवर्ष लीज कराने में कामयाब हो जाते है। किन्तु अब हिमालय पर्वत से भी 60 हजार वर्ष पुराने नदी के सरंक्षण के लिए विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कनहर नदी के खोखा, कोरगी बालू साइड बंद कराने के लिए कनहर नदी किनारे चिलबिल के पेड़ के नीचे एक दिवसीय सांकेतिक धरना के साथ अनशन से आन्दोलन का शुरुआत करेंगे।



