सोन संगम की तरफ से सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया
शक्तिनगर/सोनभद्र सोन संगम की तरफ से सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पी एम राजकीय विद्यालय शक्तिनगर के प्रधानाचार्य, अरविंद कुंवर, विशिष्ट अतिथि राजीव कुमार प्रयागराज इंटर कालेज रहे। मुख्य वक्ता गोपाल तिवारी प्रधानाचार्य विवेकानंद शिशु मंदिर शक्ति नगर , विशिष्ट वक्ता के रूप में अरविंद मौर्य विवेकानंद इंटर कॉलेज शक्ति नगर दूसरे विशिष्ट वक्ता के प्रीति शर्मा, प्रधानाचार्य केंद्रीय विद्यालय शक्ति नगर रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रशेखर जोशी ने किया।
अतिथियों का स्वागत करते हुए सोन संगम के कार्यकारी अध्यक्ष विजय दुबे ने कहा कि ,आज का यह शिक्षक दिवस सम्मान समारोह अपने आप में अभूतपूर्व एवं अविस्मानीय है। किसी भी राष्ट्र के उत्थान में शिक्षक की अहम भूमिका होती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि, संपूर्ण विश्व में भारत की ज्ञान परंपरा का अपना महत्वपूर्ण स्थान है। संसार के अनेक देशों ने भारतीय ज्ञान परंपरा का अनुसरण किया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरविंद कुंवर ने, भारतवर्ष के शिक्षक की विशेषता को बताते हुए कहा कि ,हम अगर हम प्राचीन काल में जाएं तो गुरुकुल परंपरा अपने आप में शिक्षा की श्रेष्ठ स्थल रही है संदीपन गुरु से लेकर के द्रोणाचार्य ,चाणक्य तक की गौरवशाली इतिहास रहा है। संदीपन गुरु के यहां श्री कृष्ण और सुदामा ने शिक्षा ग्रहण किया था ।उस परंपरा की आज भी कहीं न कहीं उदाहरण देखने को मिलता है।
मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए गोपाल तिवारी ने कहा कि ,शिक्षक एवं शिक्षार्थी के बीच में एक मधुर संबंध होता है ।शिक्षक सदैव अपने शिक्षार्थी को श्रेष्ठ बनाना चाहता है। किंतु शिक्षार्थी के व्यक्तित्व में किसी प्रकार का विकार पैदा होता है तो, कहीं न कहीं उसके परिवेश, उसके संरक्षक या शिक्षक में कोई त्रुटि हुई है।
विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रीति शर्मा प्रधानाचार्य केंद्रीय विद्यालय शक्ति नगर ने कहा कि आज की इस उपभोक्ता वादी संस्कृति के दौर में शिक्षा तकनीकी तथ्यों पर केंद्रित हो चुकी है ।इसके लिए शिक्षक को छात्र हित में निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ जुड़ने की आवश्यकता है।
दूसरे विशिष्ट वक्ता के रूप में अरविंद मौर्य प्रधानाचार्य विवेकानंद इंटर कालेज ने कहा कि आज का समय डिजिटल एवं ए आई का हो चुकाहै ।ऐसे परिवेश में हम सभी को अपने विशिष्ट प्रज्ञा का उपयोग करने की आवश्यकता है।
प्रयागराज से पधारे राजीव कुमार ने कहा कि शिक्षक एवं शिक्षार्थी में कोई विशेष अंतर नहीं होता है, अंतर सिर्फ इतना होता है कि शिक्षक जिस चीज को थोड़ा पहले जानता है वहीं छात्र थोड़ी देर में जानता है।
अपनी विशिष्ट शैली के लिए पहचाने जाने वाले विशिष्ट वक्ता उमापति त्रिपाठी ने कहा कि आज का युग ज्ञान विज्ञान का है शिक्षक को अत्यधिक अध्ययन मनन चिंतन एवं छात्र के साथ मधुर संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है।
अन्य वक्ताओं में विमल शर्मा सेंट जोसेफ स्कूल शक्तिनगर गोविंद नारायण त्रिपाठी केंद्रीय विद्यालय ,उदय नारायण पांडेय महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एनटीपीसी कैंपस शक्तिनगर विजय लक्ष्मी सिंह,सचिन मिश्रा इत्यादि ने अपने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किया।
इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमें सोनभद्र जिले के वयो वृद्ध कवि कृपा शंकर उर्फ माहिर मिर्जापुरी में अपनी पंक्तियां मौसम को देखते हुए कुछ इस प्रकार व्यक्त किया
बलम घर चुवत बा
इसी क्रम मे डा योगेंद्र मिश्रा ने आज के परिवेश केन्द्र में लेते अपनी चर्चित कविता
हवा ही हवा है
हुआ कुछ नहीं,काव्य संध्या को एक नई ऊर्जा प्रदान किया।
रमाकांत पांडेय ने अपनी रचना
कहे बोलेला बोलिया कठोर भैया
जीन करा केहू से तौर मोर भैया
इसका अलावा वसुधा मिश्रा,गीता सिंह के साथ साथ अन्य लोगों ने भी काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन डा मानिक चंद पांडेय तथा धन्यवाद ज्ञापन गुलाब सिंह ने किया।
इस कार्यक्रम में मुकेश रेल, सीताराम डा अविनाश कुमार दुबे शैलेंद्र श्रीवास्तव,देवेंद्र दत्त द्विवेदी अवधेश प्रसाद गौरव यादव ओम प्रकाश गुप्ता उदय प्रताप राय मोना प्रसाद पूजा साहनी सरस सिंह राजेश कुमार जगन्नाथ हरिशंकर गुप्ता मायाराम गुप्ता इत्यादि लोग उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एनटीपीसी कैंपस शक्तिनगर, अंबेडकर विद्यालय, लायंस स्कूल ज्वालामुखी , राजकीय इंटर कॉलेज शक्तिनगर, सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज शक्ति नगर, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल अंबेडकर नगर, विवेकानंद माध्यमिक विद्यालय शक्ति नगर, विवेकानंद शिशु मंदिर शक्ति नगर, महात्मा गौतम बुद्ध पूर्व माध्यमिक विद्यालय शक्तिनगर,बेसिक पाठशाला तारापुर , बेसिक पाठशाला चिल्काटंड ,शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय तेलगवा इत्यादि विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाये उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।





