बरहमोरी मे आदिवासी महापंचायत वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की उठी मांग

कोन/सोनभद्र (आनन्द जायसवाल) कोन के बरहमोरी प्राथमिक विद्यालय परिसर में रविवार को आदिवासी महापंचायत का आयोजन किया गया। श्री रामसूरत खरवार की अध्यक्षता में आयोजित महापंचायत में जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए वन अधिकार कानून-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई। कार्यक्रम में क्षेत्र के 500 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए।
मुख्य अतिथि अपना दल (एस) युवा मंच उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द पटेल दयालु ने कहा कि वन अधिकार कानून का उद्देश्य वर्षों से वन क्षेत्रों में निवास कर रहे पात्र वनवासियों एवं आदिवासी समुदायों को उनके वैधानिक अधिकार दिलाना है। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों के दावों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर भूमि, लघु वन उपज और सामुदायिक वन संसाधनों से जुड़े अधिकार उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन की सरकार जनहित में कार्य कर रही है, लेकिन यदि अधिकारियों की लापरवाही से पात्र लोगों को अधिकार मिलने में बाधा आती है तो इससे सरकार की छवि प्रभावित होती है। अधिकारियों को कानून के अनुरूप कार्य करना चाहिए।
भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य सुनील सिंह ने कहा कि महापंचायत में उठाए गए मुद्दों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मामले को उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा। उन्होंने वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों को शीघ्र अधिकार दिलाने की मांग की।
अपना दल (एस) के वरिष्ठ नेता श्याम चरण गिरी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।
महापंचायत में सर्वसम्मति से ‘जल, जंगल, जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा’ का गठन किया गया। इसमें श्याम चरण गिरी को संयोजक, रामसूरत खरवार को अध्यक्ष तथा आनन्द पटेल दयालु और सुनील सिंह को संरक्षक बनाया गया।
कार्यक्रम को अपना दल (एस) अल्पसंख्यक मंच के प्रदेश सचिव महताब आलम ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। महापंचायत में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



