सोनभद्र के जल संकट पर बनी ‘हर घर शुद्ध जल’ डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय सम्मान
देवभूमि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार, कान्स में भी लॉन्च हुआ था पोस्टर
सोनभद्र के दूषित पेयजल संकट को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान
म्योरपुर/ सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
जिले में प्रदूषण, जल संकट और सुरक्षित पेयजल की चुनौतियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘हर घर शुद्ध जल’ को देवभूमि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल-2026 (मंडी, हिमाचल प्रदेश) में सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण विषयक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इससे पहले इस फिल्म का पोस्टर कान्स फिल्म फेस्टिवल-2026 में भी लॉन्च किया जा चुका है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली।
फिल्म के सह-निर्माता, लेखक एवं निर्देशक देवेंद्र शिवाजी जाधव हैं, जबकि पुरस्कार फिल्म के निर्माता सुरिंदर सिंह ने पूरी टीम की ओर से ग्रहण किया। डॉक्यूमेंट्री में सोनभद्र के औद्योगिक क्षेत्रों, खनन गतिविधियों और तापीय विद्युत परियोजनाओं से प्रभावित इलाकों में दूषित पेयजल की समस्या तथा उसके ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को प्रमुखता से दर्शाया गया है।फिल्म में केंद्र सरकार की ‘हर घर नल जल’ योजना के उद्देश्य और उसके जमीनी क्रियान्वयन को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही यह संदेश दिया गया है कि केवल घर-घर पाइपलाइन बिछा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना भी उतना ही आवश्यक है।पुरस्कार मिलने पर निर्देशक देवेंद्र शिवाजी जाधव ने इसे पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया और सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं पर्यावरण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय तथा फिल्म निर्माण में स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जगत नारायण विश्वकर्मा ने कहा कि यह सम्मान सोनभद्र की ज्वलंत जल समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि है।



