8 स्कूली वाहनों का चालान ओवरलोड और बिना फिटनेस चल रही बस सीज

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) प्रदेश सरकार के ‘मिशन सेफ़ फ्यूचर’ अभियान के तहत शनिवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) के निर्देशन में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में संचालित स्कूल बसों एवं वैनों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित एवं संरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना रहा। जांच के दौरान विभिन्न अनियमितताएं मिलने पर परिवहन विभाग ने 8 स्कूली वाहनों का चालान किया, जबकि एक विद्यालयी वाहन को सीज कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने विद्यालयी वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, जीपीएस, सीसीटीवी, सीटिंग क्षमता सहित अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की। जांच के दौरान कई वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उनके विरुद्ध चालान की कार्रवाई की गई। इसी क्रम में यात्री कर अधिकारी मनोज कुमार ने जनपद स्थित सरस्वती जूनियर हाई स्कूल के एक विद्यालयी वाहन को निरुद्ध (सीज) कर दिया। जांच में पाया गया कि वाहन निर्धारित सीटिंग क्षमता से अधिक बच्चों को लेकर संचालित किया जा रहा था। साथ ही वाहन के पास वैध बीमा और फिटनेस प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं था।विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े ऐसे गंभीर मामलों पर परिवहन विभाग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन कौशल कुमार सिंह ने सभी विद्यालय प्रबंधनों एवं वाहन स्वामियों को निर्देशित किया है कि विद्यालयी वाहनों का संचालन केवल वैध अभिलेखों और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों और वाहन संचालकों के विरुद्ध भविष्य में भी लगातार सख्त प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी।
परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को विद्यालय भेजने से पहले विद्यालयी वाहन की भौतिक स्थिति, आवश्यक दस्तावेजों तथा यह भी सुनिश्चित करें कि वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जा रहा हो। विभाग ने कहा कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना विद्यालय, वाहन संचालक और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारी है तथा ‘मिशन सेफ़ फ्यूचर’ अभियान इसी उद्देश्य को लेकर लगातार संचालित किया जा रहा है।



