आठ माह से मानदेय न मिलने पर भड़के मनरेगा कर्मचारी, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

म्योरपुर/सोनभद्र (विकास अग्रहरि)
म्योरपुर। स्थानीय विकास खण्ड में कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों ने पिछले आठ महीनों से मानदेय भुगतान न होने से नाराज होकर खण्ड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि लम्बे समय से भुगतान न होने के कारण वह गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और अब कार्य करना भी कठिन होता जा रहा है। कर्मचारियों ने दिए गए ज्ञापन में बताया कि जनपद में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक, तकनीकी सहायक और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को जुलाई 2025 से अब तक मानदेय नहीं मिला है। साथ ही ईपीएफ की देयता भी काफी समय से लंबित है। दीपावली और अब होली जैसे प्रमुख त्योहार भी बिना वेतन के गुजर गए, जिससे कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि मनरेगा कर्मियों ने विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति में पूरा योगदान दिया है। इसके अलावा एसआईआर, क्रॉप सर्वे जैसे अन्य कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है, इसके बावजूद विभागीय शिथिलता के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यह स्थिति संविधान के अनुच्छेद 21 में वर्णित “जीवन के अधिकार” के भी विपरीत है। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल 23 फरवरी को लखनऊ में रोजगार गारंटी आयुक्त से मिलकर समस्या से अवगत करा चुका है। बावजूद इसके अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले दिए गए इस ज्ञापन में एपीओ चंदन सिंह, गंगा राम यादव, संजय कुमार, विजय कुमार दुबे, संतोष दुबे, निर्भय सिंह और नागेंद्र प्रसाद समेत, रोजगार सेवक संघ से भूपेंद्र कुमार गुप्ता अन्य तकनीकी सहायकों ने हस्ताक्षर कर जल्द से जल्द लंबित मानदेय और ईपीएफ भुगतान कराने की मांग की है।



