साल भर से बंद सोलर फ्लोराइड रिमूवल प्लांट की मरम्मत न होने से ग्रामीणों में आक्रोश, प्रदर्शन कर जताई नाराजगी
म्योरपुर /सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
स्थानीय ब्लॉक के ग्राम पंचायत शिशवा अंतर्गत झापर गांव में सोलर फ्लोराइड रिमूवल प्लांट की मरम्मत न कराए जाने को लेकर ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। साल भर से अधिक समय से प्लांट बंद पड़े होने के कारण मजबूरन फ्लोराइड युक्त पानी पीने को विवश ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और जिलाधिकारी का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराया। ग्रामीणों ने मांग की कि प्लांट की तत्काल मरम्मत कर उसे फिर से चालू कराया जाए, ताकि शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण भोला गुप्ता, ओमप्रकाश, रामजी, राजेश कुमार, यशोदा, प्रमिला सहित अन्य लोगों ने बताया कि गांव के हैंडपंपों में फ्लोराइड की अधिकता को देखते हुए जल निगम द्वारा लगभग 18 लाख रुपये की लागत से सोलर फ्लोराइड रिमूवल प्लांट स्थापित कराया गया था। यह प्लांट करीब चार वर्षों तक ठीक से चला, लेकिन उसके बाद खराब हो गया और बीते एक साल से पूरी तरह बंद पड़ा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो ब्लॉक स्तर से कोई कार्रवाई हुई और न ही संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट बंद होने के कारण वे फिर से फ्लोराइड युक्त हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं, भूख कम लगना, जोड़ों और घुटनों में दर्द जैसी बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि यह सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सोलर फ्लोराइड रिमूवल प्लांट की मरम्मत कराकर उसे चालू नहीं कराया गया, तो वे बाजार के पास स्थित प्लांट के सामने धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।



