मिट्टी का टीला ढहने से तीन महिलाओं की मौत, दो घायल
म्योरपुर सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के किरवानी गांव के जंगल में सोमवार को बड़ा हादसा हुआ। मिट्टी की खोदाई करते समय मिट्टी की सुरंग ढहने से कई लोग उसमें दब गए। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू करते हुए मलबे में दबे लोगों को निकलने का प्रयास शुरू किया। सुबह साढ़े 11 बजे तक तीन महिलाओं के शव बरामद हुए। अन्य की तलाश जारी है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग सफेद मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं। यही मिट्टी लाने के लिए कुछ बच्चे-महिलाएं किरवानी गांव के जंगल में गए थे। मिट्टी खोदते हुए वह लोग सुरंग बनाकर टीले के काफी नीचे चले गए। इसी दौरान अचानक टीला ढह गया। अंदर खोदाई कर रही महिलाएं मलबे में दब गईं। साथ गए लोगों की चीख-पुकार पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। मौके पर

पहुंचे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि खैराही सीताराम ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने जेसीबी की मदद से काफी प्रयास के बाद मलबे से तीन लोगों को बाहर निकाला। घायलों को म्योरपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान सदिकुनिशा (35) पत्नी कमरुद्दीन निवासी बडहोर थाना बभनी, अनिशा खातून (35) पत्नी मेराज निवासी किरवानी, सीता (30) पत्नी देवबरन निवासी खैराही के रूप में हुई। बचाव कार्य जारी है। दो अन्य महिलाएं फूलकुमारी (35) पत्नी उदयशंकर निवासी खैराही व नजीबुननिशा (35) पत्नी अलीशेर किरवानी गंभीर रूप से घायल हो गई। जिनका म्योरपुर सीएचसी में उपचार किया जा रहा है।
किरवानी जंगल हादसा: डीएम व एसपी ने किया निरीक्षण
म्योरपुर। थाना क्षेत्र के किरवानी जंगल में सोमवार को मिट्टी का टीला धसकने से सुरंग में दबकर तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हादसे के कारणों की बारीकी से पड़ताल की और मौके पर मौजूद राजस्व व पुलिस अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। उपजिलाधिकारी निखिल यादव तथा

पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश राय ने घटनाक्रम की क्रमवार जानकारी देते हुए बताया कि सफेद मिट्टी निकालने के लिए बनाई गई अस्थायी सुरंग अचानक धंस गई, जिससे अंदर कार्य कर रहीं तीन महिलाएं मलबे में दब गईं। ग्रामीणों के प्रयास और बाद में पहुंची प्रशासनिक टीम की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने मृतक महिलाओं के परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि शासन स्तर से उपलब्ध आर्थिक सहायता तत्काल दिलाई जाए तथा अन्य जरूरी मदद भी प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस प्रकार की अवैध और असुरक्षित सुरंगों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान खैराही प्रधान प्रतिनिधि सीताराम, किरवानी प्रधान प्रतिनिधि बुद्धिनारायण

गुप्ता और रनटोला ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से भी अधिकारियों ने बातचीत की। ग्राम प्रधानों ने प्रशासन को बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर सफेद मिट्टी की सुरंगें बनाई गई हैं और अब भी मिट्टी निकासी का कार्य जारी है, जिससे भविष्य में भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि गांव स्तर पर लोगों को जागरूक किया जाए और जोखिम भरे कार्यों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।



